टोयोटा फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अपराधी गिरफ्तार |

दिनांक 19.07.2025 को वादी श्री रवितोष अस्थाना द्वारा सूचना दी गई कि उन्हें टोयोटा डीलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से धोखा दिया गया है । मई 2025 के मध्य में उनके द्वारा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्रा0. लि0. की डीलरशिप हेतु आवेदन किया था । यह वेबसाइट उनके द्वारा गूगल पर खोज के दौरान पाई |

आरोपी द्वारा टोयोटा की फर्जी वेबसाइट बनाकर 1 करोड़ रूपए की धोखाधड़ी कर ली । इस पर थाना साइबर क्राइम, लखनऊ में अपराध संख्या- 119/2025 के अंतर्गत धारा 318(4)/319(2)/336(3)/ 338/ 340(2) BNS एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

इस मामले के सफल अनावरण हेतु माननीय पुलिस आयुक्त लखनऊ, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), पुलिस उपायुक्त (अपराध), अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध), एवं सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना लखनऊ की टीम गठित की गई ।

प्रभारी निरीक्षक की टीम ने तकनीकी सहायता एवं सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए दिनांक 16.08.2025 को पटना, बिहार से एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर थाना साइबर क्राइम लखनऊ में दाखिल किया।



पूछताछ का विवरण-

          गिरफ्तार अभियुक्त एलन कोचिंग सेन्टर, पटना में  सफाई का कार्य करता था ।  कुछ  दिन पूर्व पत्नी के इलाज हेतु अस्पताल जाने के दौरान उसकी मुलाकात नितीश नामक युवक से हुई । अभियुक्त ने बताया कि नितीश ने उसे खाते खुलवा कर देने के बदले पैसे देने का आश्वासन दिया, क्योंकि उसे इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता थी । तत्पश्चात नितीश ने उसकी मुलाकात अभय एवं जितेन्द्र नामक व्यक्तियों से कराई, जिन्होंने स्वयं को भवानी बीघा, वारिसलीगंज, नवादा (बिहार) निवासी बताया । उक्त लोगों ने अभियुक्त से आधार कार्ड एवं पैन कार्ड लेकर उसे पटना से आदमपुर, नालंदा स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा में ले जाकर खाता खुलवाने हेतु दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। वहाँ एक अन्य व्यक्ति ‘हालो’ भी मौजूद था । इसके बाद अभियुक्त को पुनः पटना छोड़ दिया गया । कुछ दिनों पश्चात अभियुक्त को पैसों का लालच देकर 5-6 चेकों पर पुनः  हस्ताक्षर कराए गए और फिर उसे वापस पटना छोड़ दिया गया ।


गिरोह का अपराध करने का तरीका (Modus Operandi):

          कंपनी की फर्जी वेबसाइटें बनाकर उन्हें Google और सोशल मीडिया पर प्रमोट किया जाता था | साइटें असली कंपनियों जैसे Toyota, Zudio, Kalyan Jewellers, McDonald’s, बर्गर किंग (Restaurant Brand Asia) जैसी दिखती थीं । फ्रेंचाइजी की चाह रखने वाले लोग Google पर सर्च कर इन फर्जी साइटों पर पहुँचते और वहां डेटा भरते । फिर आरोपियों द्वारा कॉल कर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी, जीएसटी आदि के नाम पर रकम वसूली जाती थी । पैसे अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में मंगवाए जाते थे तथा उन्हें Withdrawal करके आपस में बाँट लिया जाता था ।



बरामद की गई सामग्री:

  • 01 अदद मोबाइल फ़ोन

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण :

  1. राहुल कुमार पुत्र सोनेलाल निवासी क्वार्टर सं0-140, ऑफ पोलो रोड, कौशल नगर,  जिला-पटना, बिहार उम्र लगभग 33 वर्ष |
  2. गिरफ्तारी करने वाली टीम :
    प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
    उ0नि0 प्रशान्त रघुवंशी, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
     विवेक कुमार यादव, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
    आरक्षी संजय कुमार, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
    आरक्षी रवि चौधरी, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
    आरक्षी धनिश कुमार, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |
    आरक्षी वैभव नैन, साइबर क्राइम थाना लखनऊ |

    अपील / सलाह:
    किसी भी अज्ञात लिंक या ऐप पर क्लिक न करें ।
    फ्रेंचाइज़ी लेने से पूर्व कंपनी की सत्यता अवश्य जांचें तथा फर्जी  ।
    साइबर ठगी होने पर तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नं0-1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं ।

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