इंदौर: 1809 मजदूरों में से सिर्फ 125 ने ही मतदान कर चुनी अपनी पंचायत

डे नाईट न्यूज़ सबसे ज्यादा विवादित संस्थाओं में से एक मजदूर पंचायत गृह निर्माण सहकारी संस्था के चुनाव रविवार को सहकारिता विभाग के भारी दलबल की मौजूदगी में सम्पन्न हुई। छह घंटे में सिर्फ 6.8 प्रतिशत सदस्यों ने ही वोटिंग की। बाकी आए ही नहीं। मतदान के आधार पर चुनाव अधिकारी ने नौ पदाधिकारियों को विजय घोषित कर दिया, जबकि एक का चुनाव निर्विरोध हो चुका था। मजदूर पंचायत गृह सहकारी संस्था में सदस्यों की कुल संख्या 1809 है। रविवार को किला मैदान स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र में रिटर्निंग अधिकारी डीएस चौहान, राजकुमार देवकर और आशीष सेठिया की मौजूदगी में चुनाव सम्पन्न हुए। सुबह दस से वोटिंग शुरु हुई और शाम चार बजे तक चली।

छह घंटे में कुल 125 वोट ही डाले। मतलब 6.9 प्रतिशत ही। बाकी सदस्य क्यों नहीं आए? इसका जवाब न संस्था के मौजूद पदाधिकारियों और वहां मौजूद सदस्यों के पास था, न ही सहकारिता विभाग के अधिकारियों के पास। वोटिंग के बाद कमल मोतीलाल चोराडिय़ा, अनिल अमृतलाल चौहान, विक्की कृपालदास जेठवानी, राजेन्द्र गोकरण तिवारी, प्रेमाशंकर गिरिजाशंकर दीक्षित,भारत मेघरात मोटवानी, दीपक लीलाधर शर्मा, सुधीर घनश्याम और इरशाद अशफाक हसन को विजय घोषित किया गया। संस्था के बोर्ड में अब तक 11 सदस्य हुआ करते थे। रविवार को जोचुनाव हुआ, उसमं नौ निर्वाचित हुए। एक का चयन पहले ही निर्विरोध हो चुका है।

ऐसे में कुल संख्या हुई दस जो कुछ लोगों को मंजूर नहीं थी। उन्होंने शिकायतें शुरु कर दी। कहा कि चुनाव में गड़बड़ हुई। महिला प्रतिनिधि निर्विरोध चुनी जा सकी थी, फिर भी दो सदस्यों को बाहर किया। मामले मेंरिटर्निंग अधिकारी डीएस चौहान ने बताया कि बोर्ड 11 का ही बनेगा। नौ निर्वाचित हो चुके हैं। दो महिला प्रतिनिधियों ने आवेदन किया था। दोनेां का चुनाव निर्विरोध हो सकता था लेकिन उनमें से एक ने नाम वापस ले लिया। इसीलिए एक ही निर्विरोध चुनी गई। अब दूसरी महिला सदस्य की इंट्री संयोजन के आधार पर होगी जा ेचुनाव अधिकारी की मौजूदगी में निर्वाथ्चत पदाधिकारी तय करेंगे।

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