इंदौर: 12 साल के घायल बच्चे की शिकायत पर केस दर्ज नहीं कर पा रही पुलिस

डे नाईट न्यूज़ इंदौर में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा 12 साल का मासूम पुलिस के लिए चुनोत्ी बन गया है। घटना को पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन आज तक पुलिस खुद नहीं तय कर पा रही कि मासूम की शिकायत किस धारा के तहत दर्ज की जाए। इस घटना को पुलिस प्राकृतिक आपदा तो मान रही लेकिन केस नहीं दर्ज कर पा रही है। पुलिस अब तक सिर्फ किताबों के पन्ने पलटकर सामाधान निकालने की कोशिश कर रही है। घटना शनिवार की है। यहां बच्चा अपने पिता के साथ शिकायत दर्ज करने द्वारकापुरी थाने पहुंचा था।

इंदौर में शनिवार के दिन आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश हुई थी। इस दौरान 12 साल का मासूम दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बच्चे के सिर पर मैरिज गार्डन का स्वागत द्वार गिरने से सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई। डॉक्टर द्वारा 30 टांके लगाकर इसकी जान बचाई गई। सिर में टांके लगने के बाद भी बच्च पिता के साथ चार दिन से थाने का चक्कर काट रहा है। पुलिस या तो किताब खंलागती है या कहती है मैरिज गार्डन वाले को यही बुला लेते हैं। मामला द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में फूटी कोठी स्थित पुखराज मैरिज गार्डन का है। यहां शनिवार को 12 साल के राम उर्फ रुद्राक्ष योगी निवासी महालक्ष्मी परिसर फूटी कोठी से गुजर रहा था। तभी तेज हवा के साथ बारिश होने लगी।

वह बारिश से बचने के लिए मैरिज गार्डन के स्वागत द्वार के नीचे खड़ा हो गया तभी गेट गिर गया। इस दौरान रुद्राक्ष ने तीन लोगों को बाहर निकाला लेकिन खुद घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोग उसे नजदीक के महावीर अस्पताल ले गए थे। इलाज कराने के अगले दिन रुद्राक्ष के पिता और मां उसे लेकर द्वारकापुरी थाने पहुंचे। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए टाल दिया था कि इसकी शिकायत करने के िलए नगर निगम जाए। रविवार की छुट्टी थी। नगर निगम का जोन 14 पर अधिकारी नहीं मिले। सोमवार को वह फिर नगर निगम पहुंचा। निगम के अधिकारियों ने थाने पर एफआईआर करने की बात कही। इस बीच रुद्राक्ष के पिता ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर दी।

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