नई दिल्ली: नेशनल वाटर अवार्ड्स 2022 में बिहार को तीसरा स्थान

डे नाईट न्यूज़ केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की ओर से नेशनल वाटर अवार्ड्स 2022 में सर्वोत्तम राज्यों की श्रेणी में बिहार को तीसरे स्थान पर रखा गया है।  बिहार सरकार के जल संरक्षण और जल संसाधन विभाग के प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए उत्तम कार्यों और प्रयासों को इस पुरस्कार के जरिये राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। बिहार सरकार के जल संसाधन तथा सूचना और जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने बिहार को शीर्ष तीन राज्यों में शामिल किये जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पुरस्कार मिलना बिहार के लिए गर्व की बात है। जल और हरियाली का संरक्षण एवं संवर्धन करते हुए बिहार के विकास को टिकाऊ बनाने और आने वाली पीढिय़ों को हरा-भरा बेहतर बिहार सौंपने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसा दूरगामी अभियान शुरू किया गया है।

इस अभियान को संयुक्त राष्ट्र तक में सराहा गया है और देश-दुनिया के लिए नजीर बताया गया है। मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में जल संसाधन विभाग महती योगदान कर रहा है। विभाग द्वारा जल प्रबंधन की नई एवं आधुनिकतम तकनीकों का सफलतापूर्वक सदुपयोग करते हुए राज्यहित में कई अनूठे एवं दीर्घकालिक उपाय किये गये हैं और किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि, व्यापक सोच और सटीक मार्गदर्शन में शुरू हुए ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रमुख अवयवों के अंतर्गत महत्वाकांक्षी गंगा जल आपूर्ति योजना की शुरुआत हुई। यह देश की अपने तरह की पहली योजना है जिसमें गंगा नदी की बाढ़ के पानी को, जो हर साल यूं ही व्यर्थ चला जाता है, मॉनसून अवधि में लिफ्ट कर कुल 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिये दक्षिण बिहार के जलसंकट वाले प्रमुख शहरों- गया, बोधगया और राजगीर में घर-घर पेयजल के रूप में पहुंचाया गया है।

इस योजना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनूठी परिकल्पना को धरातल पर उतार कर जल संसाधन विभाग, बिहार ने देश को जल प्रबंधन की दिशा में नई राह दिखाई है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय 2 में घोषित अति महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ को धरातल पर उतारने के लिए जल संसाधन सहित सभी संबंधित विभागों द्वारा तत्परता से कार्य किये जा रहे हैं। ‘नेशनल वाटर अवार्ड्स 2022’ में सर्वोत्तम राज्य की श्रेणी में पुरस्कार के लिए जल संसाधन विभाग, बिहार की निम्न सात सिंचाई योजनाओं पर भी गौर किया गया है जो इस प्रकार हैं:- 1. गरौल वीयर सिंचाई योजना,दरभंगा- यह पुरानी कमला नदी पर वीयर सिंचाई योजना है,जिसमें हेड रेगुलेटर के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिली है।

2. बलवाघाट बराज-सह-सिंचाई योजना,मधुबनी- बलवा ग्राम के पास धौंस नदी पर आधारित इस सिंचाई योजना में दो हेड रेगुलेटर (दायां एवं बायां) के अलावा जर्जर पकड़ी उपवितरणी का जीर्णोद्धार कार्य (9.27 किमी) और दायीं तरफ मौजूद पईन के रूपांकित जलश्राव के अनुरूप पुनर्स्थापन कार्य (13.36 किमी) किया गया है।
3. बिहुल वीयर सिंचाई योजना,मधुबनी- लक्ष्मीपुर ग्राम के निकट बिहुल नदी पर गेटेड वीयर,उसके अपस्ट्रीम में दायीं एवं बायीं तरफ एफलक्स बांध तथा डाउनस्ट्रीम में दोनों तरफ गाइड बांध का निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य किया जाना है। इसमें दायें मुख्य नहर से निस्सृत नहर प्रणाली की कुल लंबाई 3.35 किमी है तथा बायें मुख्य नहर से निस्सृत नहर प्रणाली की लंबाई 6.33 किमी है।
4. मलई बराज योजना,डिहरी- सोन नहर प्रणाली अंतर्गत केसठ वितरणी और भोजपुर वितरणी के अंतिम छोड़ पर अवस्थित होने के कारण सिंचाई के समय इनमें पर्याप्त जलश्राव मिलने में कठिनाई होती है। मलई बराज योजना के अंतर्गत रोहतास जिले के दावथ प्रखंड में कोंद नदी पर बराज का निर्माण कर लिंक नहर के माध्यम से बक्सर जिले में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
5. जैतपुरा पंप नहर योजना,भभुआ- इसके माध्यम से कर्मनाशा नदी के जलश्राव को उद्वह कराकर विभिन्न प्रखंडों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
6. गया जिले के बोधगया प्रखंड में मोहाने नदी पर बतसपुर वीयर का निर्माण एवं मोराटाल पईन से निस्सृत वितरण प्रणालियों का आधुनिकीकरण कार्य
7. उदेरास्थान बराज योजना, बिहारशरीफ- यह एक वृहद सिंचाई योजना है, जिससे जहानाबाद एवं गया जिले के कई प्रखंडों में सिंचाई क्षमता विकसित हुई।

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