इंदौर: संघवी और जैन की जोड़ी के पास हैं संस्थाओं की दो हजार करोड़ की जमीन

डे नाईट न्यूज़ जमीन की धोखाधड़ी के मामले में उलझे सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी और जेल में बंद दीपक जैन उर्पु दिलीप सिसौदिया के ठिकानों से प्रवर्तन निदेशालय को 91.21 लाख रुपए नकद और 250 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के दस्तोवज बरामद किए हैं। संघवी पिता-पुत्र से दिनभर ईडी के पालिका प्लाजा स्थित कार्यालय में पूछताछ होती रही। इसी दौरान बार-बार उनकी गिरफ्तारी और उन्हें कोर्ट में पेश करने की अफवाहें उड़ती रहीं।

ईडी ने सुरेन्द्र संघवी, प्रतीक संघवी, दीपक जैन, मनीष शाहरा को इंदौर और मुंबई सहित छह ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। देर रात संघवी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सुबह अधिकारी दोनों को लेकर ईडी के स्थानीय कार्यालय पहुंचे। जहां उनके दीपक जैन के साथ किए गए जमीनी कारोबार पर पूछताछ हुई। शाम कोक ईडी ने कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। बताया कि दीपक जैन व अन्य पर पीएमएलए 2002 के तहत ईसीआईआर दर्ज की गई है। उसी के आधार पर छानबीन जारी है। अब तक इनके छह ठिकानों से 91.21 लाख रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा अवैध रूप से अर्जित की गई प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी कीमत 250 करोड़ रुपए हैं।

बताया जा रहा है कि ईडी ने जिन छह ठिकानों पर छापे मारे उनमें पांच इंदौर के आवास हैं और एक मुंबई का वो ठिकाना जिस पर संघवी जैन की सेल कंपनी रजिस्टर्ड है। देवी अहिल्या मजदूर पंचायत, त्रिशाला गृह निर्माण, डायमंउल गृह निर्माण संस्था जैसी एक दर्जन संस्थाएं हैं। जिनकी जमीन पर सदस्यों का हक था दीपक जैन और सुरेंद्र संघवी की जोड़ी ने कब्जा ली। इन जमीनों की कीमत एक हजार करोड़ है। दीपक कके खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। सबसे पहले ईडी ने दीपक जैन के खिलाफ छानबीन 2010 में की थी जब रितेश अजमेरा चम्पू और नीलेश अजमेरा की दुबई वाली कॉलोनी का किस्सा सामने आया था। पूरा केस बंद हो गया।

इसके बाद 2010-11 में ही दूसा केस सामने आया। जब देवी अहिल्या गृह निर्माण संस्था की जमीन की हेराफेरी के मामले में भी दीपक का नाम आया था। तब दीपक ने अफसरों को साधकर दिलवार पटेल, सोहराब पटेल, इरफान पटेल और जाकिर पटेल को उलझा दिया था।

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