तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, कड़ाके की ठंड के लिए करना होगा इंतजार

डे नाईट न्यूज़ मध्य प्रदेश में ठंड में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं है। बीते चार-पांच दिनों से मौसम एक जैसा बना हुआ है। हवाओं की गति धीमी होने से तापमान गिर नहीं पा रहा है। फिलहाल प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाला कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। पश्चिमी मप्र में न्यूनतम तापमान कम हुआ है। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी बना हुआ है। सबसे गर्म खरगोन रहा।

मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं रहा। ग्वालियर, शहडोल, जबलपुर, सागर व भोपाल संभाग के जिलों में सामान्य से कम दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान साढ़े 6 डिग्री तक पहुंचा है। 26-27 नवंबर को भी मौसम में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। मौसम शुष्क ही बना रहेगा। 

प्रदेश के बड़े शहरों का हाल

शहरअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमान
भोपाल28.211.4
इंदौर27.912.6
जबलपुर26.19.4
ग्वालियर8.4

मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो तापमान में हल्की गिरावट नजर आ रही है। खासकर पश्चिमी मप्र में न्यूनतम तापमान कम हुआ है। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी बना हुआ है। पचमढ़ी में 6.4, नौगांव में 6.8, उमरिया में 7.9, दतिया में 8.2, ग्वालियर में 8.4, खजुराहो में 8.5, खंडवा-रायसेन-छिंदवाड़ा में 9, राजगढ़-गुना-बैतूल में 9.2, मंडला-जबलपुर में 9.4, रीवा में 9.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

अधिकतम तापमान की बात करें तो पूर्वी मप्र में गिरावट रही, वहीं पश्चिमी मप्र में स्थिरता बनी रही। प्रदेश में सबसे गर्म खरगोन रहा। खरगोन में 30.5, दमोह में 30, राजगढ़ में 29.5, गुना में 29.4, मंडला में 29, उज्जैन में 28.7, नर्मदापुरम में 28.6, खजुराहो-नौगांव में 28.4, भोपाल में 28.2, छिंदवाड़ा में 28.1, रतलाम-शिवपुरी-रीवा में 28 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। 

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाला कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। हवाओं की गति धीमी पड़ी है। लेकिन रुख उत्तरी बना हुआ है। दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में फिलहाल बर्फबारी होना बंद हो गई है। वहां से आ रही सर्द उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश में आकर उत्तर-पूर्वी हो जा रही हैं। इस वजह से भी तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने लगी है। 
25 नवंबर से बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र उत्पन्न होगा। जिसका असर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। 

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