हिमाचल: हिमाचल में रेत-बजरी और ईंट के दाम बढ़े, 25 फीसदी महंगा हुआ घर बनाना

डे नाईट न्यूज़ पंजाब में खनन बंद होने और अन्य कारणों से हिमाचल में रेत, ईंट और बजरी के दामों मेंबढ़ोतरी हो गई है। इससे अब घर बनाना करीब 25 फीसदी तक महंगा हो गया है। जल्द ही सीमेंट के दाम भी बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, सरिये के भाव में आई कमी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है।  बिलासपुर में रेत के दाम की बात करें तो पहले रेत का एक टिपर (400 फीट) का दाम करीब 17 हजार रुपये तक था। लेकिन दो माह के भीतर ही इसके दाम 20 हजार के पार पहुंच गए हैं।

बजरी के एक टिपर (400 फीट) के दाम 13 हजार से बढ़कर 14 हजार रुपये तक हो गए। ईंट के दाम में भी उछाल आया है। पहले नौ हजार रुपये में मिलने वाली एक हजार ईंट, अब एक से दो हजार तक महंगी हो गई है। सीमेंट, सरिया विक्रेता सतपाल एंड कंपनी और सत्यप्रकाश एंड कंपनी के मालिक सतपाल व सत्यप्रकाश ने कहा कि बढ़िया क्वालिटी की ईंट के दाम में एक से दो हजार रुपये तक का इजाफा हुआ है। वहीं थोड़ी हल्की क्वालिटी की ईंट के दाम में एक हजार से पंद्रह सौ रुपये तक बढ़ोतरी है। कहा कि सीमेंट के दाम में दो माह से कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। अल्ट्राटेक सीमेंट 425 से 430 रुपये प्रति बैग, अंबुजा सीमेंट 430 रुपये और एसीसी सीमेंट का दाम भी 425 से 430 रुपये तक है।

सरिये के दामों में आई गिरावट ने आम वर्ग को राहत दी है। दिवाली के समय बिलासपुर में सरिये का दाम सात हजार से साढ़े सात हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। लेकिन एक माह के भीतर ही सरिये के दामों में हजार से पंद्रह सौ रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई है। 

सूत्रों के मुताबिक सूबे में सीमेंट के दाम एक-दो दिन में बढ़ सकते हैं। 10 से 15 रुपये प्रति बैग तक का इजाफा हो सकता है। माना जा रहा है कि बुधवार रात या वीरवार से कंपनियां सीमेंट के दाम बढ़ा सकती हैं। नालागढ़ के नवांग्राव स्थित अंबुजा सीमेंट कंपनी के मार्केटिंग प्रतिनिधि संतोष ने बताया कि अभी पुराना रेट चल रहा है, लेकिन वीरवार से नए रेट जारी होने की उम्मीद है।

बीबीएन क्षेत्र में पहले पंजाब से रेत और बजरी आसानी से उपलब्ध हो जाती थी। लेकिन पंजाब में खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बीबीएन में भवन निर्माण करने वाले कांट्रेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि भवन निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से जो मकान पहले दस लाख रुपये में तैयार हो रहा था, वह अब 15 लाख में बन रहा है। भवन निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने के साथ साथ मजदूरों और राज मिस्त्री की दिहाड़ी सौ रुपये बढ़ गई है। अब मिस्त्री सात सौ और मजदूर पांच सौ रुपये दिहाड़ी लेता है।

पहले जिला सोलन में रेत और बजरी की ट्रॉली दो हजार रुपये में मिल जाती थी, लेकिन अब यह 2900 और 3000 हजार के बीच में मिल रही है। बद्दी में निजी उद्योग चलाने वाले संचालक नियाज मोहम्मद ने बताया कि जो रेत-बजरी उन्हें 18 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट मिल रही थी, वह सीधी 29 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट मिल रही है। पहले 6 हजार में एक हजार ईंट मिल रही थी। लेकिन अब भट्ठे पर 65 सौ रुपये में मिल रही है। अगर किसी ने साइट पर पहुंचानी है तो वही ईंट 71 सौ प्रति हजार मिल रही है। 

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