गावस्कर ने टीम इंडिया से पूछा सवाल, बोले- IPL खेलने पर वर्कलोड नहीं होता, भारत के लिए क्यों होता है?

डे नाईट न्यूज़ टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की हार के बाद से भारतीय खिलाड़ियों की काफी आलोचना हो रही है। कुछ लोग टीम इंडिया की स्ट्रैटजी पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से हार झेलनी पड़ी। भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया पर निशाना साधा है। साथ ही वर्कलोड मैनेजमेंट वाले कॉन्सेप्ट पर भी हमला बोला है।

भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि भारतीय क्रिकेट को “वर्कलोड मैनेजमेंट” से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इस तरह की अवधारणा को तब भूल जाते हैं जब वे पूरे इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते हैं। गावस्कर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा- परिवर्तन होगा। जब आप वर्ल्ड कप में जीत नहीं सकते, तो बदलाव होगा। हमने वो देखा है की जो न्यूजीलैंड के लिए टीम जा रही है, उसमें बदलाव हुए हैं। ये जो ‘वर्कलोड-वर्कलोड’ की बातें चलती हैं, कीर्ति आजाद और मदन लाल ने सही कहा की वर्कलोड सिर्फ भारत के लिए खेलने के दौरान क्यों होता है? 

गावस्कर ने कहा- आप आईपीएल खेलते हैं, पूरा सीजन खेलते हैं, वहां आप ट्रैवलिंग करते हैं। सिर्फ पिछला आईपीएल एक ही राज्य में हुआ। बाकी सब में आप इधर-उधर दौड़ते रहते हैं। वहां पर आपको थकान नहीं होती? वहां काम का बोझ नहीं होता? सिर्फ जब भारत के लिए खेलना होता है, वो भी तब जब आप नॉन-ग्लैमरस कंट्रीज में जाते हैं, तब आपका वर्कलोड बनता है? ये बात गलत है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को इतना लाड़-प्यार नहीं किया जाना चाहिए। बीसीसीआई को क्रिकेटरों को एक मजबूत संदेश भेजने की जरूरत है।

गावस्कर ने कहा- वर्कलोड और फिटनेस साथ में नहीं हो सकते। आगर आप फिट है, तो काम का बोझ का सवाल कहां आया? हम आपको टीम में ले रहे हैं, हम आपको काफी रिटेनर फीस भी दे रहे हैं। अगर वर्कलोड की वजह से आप खेल नहीं रहे, फिर रिटेनर फीस भी नहीं दिया जाना चाहिए। आप मैच नहीं खेलेंगे तो आपकी रिटेनर फीस निकल जानी चाहिए। बहुत सारे लोग फिर काम का बोझ भूलकर खेलने आएंगे। आईपीएल शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बॉडी है, एफआईसीए (FICA), उन्होंने ये ही कहा था। 

गावस्कर ने कहा- आप आईपीएल खेलते हैं, पूरा सीजन खेलते हैं, वहां आप ट्रैवलिंग करते हैं। सिर्फ पिछला आईपीएल एक ही राज्य में हुआ। बाकी सब में आप इधर-उधर दौड़ते रहते हैं। वहां पर आपको थकान नहीं होती? वहां काम का बोझ नहीं होता? सिर्फ जब भारत के लिए खेलना होता है, वो भी तब जब आप नॉन-ग्लैमरस कंट्रीज में जाते हैं, तब आपका वर्कलोड बनता है? ये बात गलत है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को इतना लाड़-प्यार नहीं किया जाना चाहिए। बीसीसीआई को क्रिकेटरों को एक मजबूत संदेश भेजने की जरूरत है।

गावस्कर ने कहा- वर्कलोड और फिटनेस साथ में नहीं हो सकते। आगर आप फिट है, तो काम का बोझ का सवाल कहां आया? हम आपको टीम में ले रहे हैं, हम आपको काफी रिटेनर फीस भी दे रहे हैं। अगर वर्कलोड की वजह से आप खेल नहीं रहे, फिर रिटेनर फीस भी नहीं दिया जाना चाहिए। आप मैच नहीं खेलेंगे तो आपकी रिटेनर फीस निकल जानी चाहिए। बहुत सारे लोग फिर काम का बोझ भूलकर खेलने आएंगे। आईपीएल शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बॉडी है, एफआईसीए (FICA), उन्होंने ये ही कहा था। गावस्कर ने कहा- वर्कलोड, वर्कलोड, वर्कलोड… जब आईपीएल आया और सारे प्लेयर्स आईपीएल खेलने के लिए वर्कलोड भूल गए। बदलाव होंगे और होने भी चाहिए। कौन और क्या बदलाव होंगे वो चयन समिति तय करेगी। पर आपको प्लेयर्स को संदेश भेजना है। टीम इंडिया 169 रन के बड़े लक्ष्य को भी डिफेंड नहीं कर सकी। भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में विकेट लेने के लिए जूझते दिखे। इंग्लैंड ने 16 ओवर में बिना विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया।

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