सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भाजपा ने बताया पीएम की जीत, उदित राज ने यूं की आलोचना

डे नाईट न्यूज़ गरीब सवर्णों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण (EWS reservation) के केंद्र सरकार के फैसले पर ‘सुप्रीम’ मुहर लग गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा ने इसे पीएम नरेंद्र मोदी की जीत बताया है। उधर, कांग्रेस नेता व पूर्व नौकरशाह उदित राज ने इसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट की उच्च जाति समर्थक मानसिकता को चुनौती देते हैं। 

ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सराहना की है। पार्टी ने इसे देश के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने मिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत करार दिया।भाजपा के महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने अनारक्षित वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबों की भलाई की नीति पर मुहर और सामाजिक न्याय की दिशा में एक ओर कदम बताया। 
इस विचार पर सहमति व्यक्त करते हुए भाजपा महासचिव सी. टी. रवि ने कहा कि यह फैसला भारत के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने मिशन में पीएम मोदी की एक और जीत है।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा संस्थानों में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को बरकरार रखा है। इससे संबंधित 103वें संविधान संशोधन विधेयक को शीर्ष कोर्ट ने दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से वैध ठहराया। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता।
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि वे ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की उच्च जाति समर्थक मानसिकता का विरोध कर रहे हैं। जब अजा-जजा को आरक्षण की बात आती है तो वह इंदिरा साहनी मामले की दुहाई देकर अजा-जजा-ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण की सीमा का हवाला दिया जाता है। आज संविधान का हवाला देकर कहा जा रहा है कि नहीं, आरक्षण की कोई सीमा नहीं है। 

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