EOW में बिना आदेश काम कर रहा रिटायर स्टेनो, सरकारी गाड़ी और ड्राइवर की सुविधा भी ले रहा

डे नाईट न्यूज़ भोपाल के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) मुख्यालय में स्टेनों सेवानिवृत्त होने के बाद भी बिना आदेश के 10 माह से कार्यालय आ रहा है। हद तो यह है कि वह सरकारी गाड़ी और ड्राइवर की सुविधा भी ले रहा है। यह सब तब हो रहा है जब शासन ने हाल ही में ईओडब्ल्यू से लंबे समय से जमे अधिकारियों को हटा कर पीएचक्यू अटैच कर दिया। ऐसे में अब ईओडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।  
दरअसल सेवानिवृत्त स्टेनो अशोक केटी पीएचक्यू मुख्यालय की स्टेनो इकाई से है। वह 1984 से निरंतर करीब 38 वर्षों से ईओडब्ल्यू में पदस्थ है। 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद 17 दिसंबर 2020 से 16 दिसंबर 2021 तक की संविदा सेवा भी पूरी कर ली। इसके बाद से अब तक उनकी संविदा नियुक्ति या सेवा बढ़ाने को लेकर कोई आदेश नहीं हुए हैं। इसके बावजूद वह लगातार 10 माह से बिना किसी आदेश के ईओडब्ल्यू कार्यालय आ रहे है। यहां पर लगातार काम कर रहे है। इस दौरान वह सरकारी वाहन MP 03 6009 जिप्सी और सरकारी चालक का भी बिना किसी आदेश के निजी काम में उपयोग कर रहे हैं। अशोक केटी पर पर आरोप लग रहे है कि वह  सभी यूनिट से प्रकरण की फाइल नस्तीबद्ध करते है। यही कारण है कि वरिष्ठ अधिकारी भी उनको पसंद कर रहे हैं। इस मामले में स्टेनो अशोक केटी का कहना है कि वह वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरत होने पर वह कार्यालय आते है। उनको कोई वेतन नहीं मिलता है। अपना पैसा खर्च करके कार्यालय क्यों आएंगे। इसलिए उनको सरकारी गाड़ी से छोड़ दिया जाता है। उन्होंने आदेश नहीं होने के सवाल पर कहा कि आप इस बारे में डीजी ईओडब्ल्यू से बात करें। ईओडब्ल्यू डीजी अजय शर्मा ने कहा कि हमने अशोक केटी की सेवाए कुछ समय बढ़ाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। वहां पर प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। अभी ना तो उनका प्रस्ताव रिजेक्ट किया है ना ही स्वीकार किया है। हमारे यहां पर 14 में से 7 पद स्टोनो के पद खाली है। इसलिए उनकी सेवाएं ली जा रही है। उन पर लग रहे आरोप पर डीजी ने कहा कि यह संभव ही नहीं है। हम उनसे प्रशासनीक कार्य कराते है। क्राइम के काम क्राइम विंग देखती है। वह सिर्फ टाइप करने का काम करते है। वह कोई निर्णय नहीं लेते है। ऐसे तो कोई भी किसी पर भी कुछ भी आरोप लगा सकता है। 

Back to top button