कार मालिक न करें ये गलतियां: जरा सी चूक और आपकी गाड़ी बन सकती है आग का गोला, बरतें ये सावधानियां

डे नाईट न्यूज़ चलती कार में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे लोगों की जिंदगी भी खतरे में रहती है। हाल ही के दिनों में कई घटनाएं होने से सवाल खड़ा हो रहा है कि लाखों की कार में आग क्यों लग जाती है। इसमें सबसे बड़ा कारण वायरिंग से छेड़छाड़ करना है। वहीं, लोग सस्ते के चक्कर में अधिकृत सर्विस सेंटर पर वाहन न दिखाकर लोकल मैकेनिक के पास चले जाते हैं। इससे भी समस्या बढ़ती है। नोएडा-ग्रेनो में हाल ही में आधा दर्जन कारों में आग लगने की घटनाएं हुईं हैं। इनमें चालकों ने समय रहते कूदकर जान तो बचा ली, लेकिन कारें जल गईं।

एक्सपर्ट बताते हैं कि सबसे पहले कार रखने वालों को समय पर निरंतर तौर पर सर्विसिंग करवानी चाहिए। कार में छोटी सी खराबी को लेकर लोग यह सोचते हैं कि सर्विस सेंटर वाले ज्यादा पैसे चार्ज करेंगे, जबकि आम मैकेनिक चंद पैसों में गाड़ी ठीक कर देगा। यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। जब गाड़ी का कोई तार टूट जाता है तो ठीक कराने में सावधानी बरतें। हर कार की बनावट अलग होती है, ऐसे में सर्विस सेंटर के मैकेनिक को कार कंपनियां अपने हिसाब से ट्रेनिंग देती हैं। इस ट्रेनिंग के कारण ही अधिकृत मैकेनिक गाड़ी का काम बेहतर से करते हैं जबकि आम मैकेनिक कई बार गलती कर बैठते हैं। सेक्टर-135 में अधिकृत मोटर सेंटर के संचालक फिरोज अख्तर का कहना है कि इन दिनों कार में आ रही नई टेक्नोलॉजी भी कई मायनों में खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसमें फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम भी शामिल है। प्रेशरयुक्त फ्यूल सिस्टम की वजह से कई बार लीकेज की संभावना भी होती है, क्योंकि पाइप कई जगह कनेक्टेड होते हैं। ऐसे में इनका मेंटेनेंस सही तरीके से न हो तो इंजन में स्पार्क हो सकता है।

कार में आग लगने की बड़ी वजहें

  • सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से न लगवाना- कार में सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं। ऐसा न करने से किट फिट करते समय लीकेज की शिकायत हो सकती है। लीकेज होने पर कार में कभी भी आग लग सकती है।
  • अप्रशिक्षित मैकेनिक से सर्विसिंग- कई बार देखा गया है कि कंपनी की ओर से दी जाने वाली फ्री सर्विसिंग खत्म होने के बाद लोग अप्रशिक्षित मैकेनिक से सर्विसिंग करवाते हैं। कई मामलों में ऐसे मैकेनिक ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिससे कार में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
  • फ्यूल पाइप में लीकेज- कार के रबर फ्यूल पाइप तापमान बढ़ने पर गर्म हो जाते हैं। ऐसे में इनमें लीकेज की समस्या रहती है। पाइप लीक होने पर पेट्रोल रिसता है तो आग पकड़ने की आशंका रहती है।
  • गर्म होकर चिपक जाते हैं तार- तापमान बढ़ने पर कार में लगे छोटे-छोटे तार गर्म होकर आपस में चिपकने लगते हैं। तार के ऊपर लगी रबर गर्म होने के बाद स्पार्किंग से शॉर्ट सर्किट होने का खतरा रहता है, इसलिए सर्विस के समय पर वायरिंग व पाइप चेक कराते रहना चाहिए।
  • कार में अधिक एसेसरीज लगवाने से बचें- लोग कार में एक्स्ट्रा लाइट, प्रेशर हॉर्न, मंदिर, मूर्तियां वगैरह लगवा लेते हैं। इस तरह के मॉडिफिकेशन के लिए अलग से वायरिंग करनी होती है। इससे भी आग का खतरा रहता है। तार पिघलने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा डियोड्रेंट, एयर प्यूरिफायर और अन्य ज्वलनशील पदार्थ गाड़ी में न रखें।

वाहनों में जरूर रखें से ये सामान

  • कैंची- अगर कार में आग लगने की स्थिति में सीट बेल्ट जाम हो जाए तो उसे कैंची से काट सकते हैं और समय रहते निकल सकते हैं।
  • अग्निशमन यंत्र- कार में आग बुझाने का छोटा उपकरण जरूर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आग बुझाने में आप मदद ले सकें।
  • हथौड़ी:- अगर कार में आग लग गई तो हथौड़ी की मदद से कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।

कार में आग लगने की घटनाएं

19 अक्तूबर: सेक्टर-26 में कार दीवार से टकराई, आग लगी।
19 अक्तूबर: सेक्टर-62 में चलती कार में आग लगी।
29 सितंबर : सेक्टर-15ए के सामने कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक।
12 सितंबर: ग्रेटर नोएडा में चलती कार में लगी आग।

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