नोएडा में कुत्तों ने आठ माह के मासूम को नोंचा…इलाज के दौरान मौत, सोसायटी के लोगों का फूटा गुस्सा

डे नाईट न्यूज़ नोए़डा में आवारा कुत्ते अब सोसाइटी के अंदर भी हमला कर रहे हैं। सोमवार को सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में टावर-30 के पास आठ माह के बच्चे पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। गंभीर घायल मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में टावर-30 के पास सोमवार को आठ माह के बच्चे पर तीन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया।
पास में खेल रहे उसके भाई ने शोर मचाया तो मां और आसपास के लोगों ने उसे बचाया। बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोसाइटी में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार शाम को सेक्टर-110 निवासी मजदूर राजेश कुमार पत्नी सपना और बच्चों के साथ कंस्ट्रक्शन साइट पर थे। काम करते हुए सपना बेटे से कुछ दूर चली गई। तभी अचानक तीन लावारिस कुत्तों ने मासूम पर हमला कर दिया। इसमें बच्चे के शरीर पर काफी खरोंच आई और शरीर के कई हिस्सों से खून निकलने लगा। बच्चे के आंत में चोट आई। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, मंगलवार की सुबह जैसे ही बच्चे की मौत का पता सोसाइटी के लोगों को चला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। सोसाइटी में लगातार भीड़ बढ़ रही है। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन ने कहा कि हम सभी को मिलकर स्ट्रीट डॉग को सोसाइटी से बाहर करना चाहिए और डॉग लवर के घर सारे स्ट्रीट डॉग इकट्ठा कर भेज देना चाहिए। जिसका बच्चा जाता है उस मां-बाप को पता चलता है कि उन्होंने कैसे उसका लालन पोषण किया था, कैसे उसको जन्म दिया था। सिर्फ अपनी सस्ती राजनीति चमकाने के लिए ये लोग डॉग लवर का दिखावा करते हैं और कुछ नहीं है। शेम ऑन यू

गौरतलब है कि सोमवार सुबह ही सोसाइटी के सेंट्रल पार्क में योग करती महिला को कुत्ते ने काटा था। लोगों का कहना है कि ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार बैठक हो चुकी है और लावारिस कुत्तों को लेकर हंगामा भी हो चुका है।निवासियों का आरोप है कि कुत्ते सीढि़यों से कई फ्लोर तक आ जा जाते हैं। एओए उपाध्यक्ष धर्म वीर यादव ने बताया कि सोसाइटी के लोग कुत्ते से परेशान हैं। कई बार सोसाइटी की तरफ से इस समस्या को ठीक करने का प्रयास किया गया लेकिन समाधान नहीं हो पाया। सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां मौजूद कुत्तों को स्टरलाइज किया गया था जिसके बाद वापस ही लाकर छोड़ दिया गया। इससे समस्या और बढ़ गई। घटना के बाद लोगों ने पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हाल जाना।
 

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