भाजपा के ‘अच्छे दिन’ के दावे पर बड़ा सवाल : कुमारस्वामी

डे नाईट न्यूज़। जनता दल सेकुलर (जद-एस) के नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘अच्छे दिन’ के दावे पर बड़ा सवाल है। उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान का संदर्भ देते हुए की, जिन्होंने देश में ‘बढ़ती असमानता’ और ‘बेरोजगारी’ पर चिंता जताई थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा के वैचारिक संगठन आरएसएस के शीर्ष नेता का बयान देश के मौजूदा हालात का आइना है। कुमारस्वामी ने कहा,‘‘भाजपा के मातृ संगठन आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान भारत की मौजूदा स्थिति को लेकर आइना दिखाता है कि आर्थिक असमानता, गरीबी और बेरोजगारी बहुत खतरनाक है। अब, अच्छे दिन के दावे पर बड़ा सवाल है।’’

जद-एस नेता ने कहा कि यह बताने के लिए विशेषज्ञता की जरूरत नहीं है कि भाजपा के सात साल के शासन में कौन फला-फूला और किसने अपना सबकुछ खो दिया। उन्होंने कहा कि होसबाले ने स्वयं बताया है कि 20 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और चार करोड़ युवा बेरोजगार हैं, ‘‘फिर गत सात साल में कौन अमीर हुआ?’’ होसबाले ने रविवार को आय में कथित तौर पर बढ़ती असमानता और बेरोजगारी पर चिंता जताई और जोर देकर कहा कि गरीबी ‘‘हमारे सामने राक्षस जैसी चुनौती पेश कर रही है।’’

आरएसएस नेता ने कहा कि गत सालों में इन चुनौतियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। देश के कई हिस्सों में कुपोषण और कई गांवों में पेयजल नहीं होने का हवाला देते हुए कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘जब यह सच्चाई है, तो अच्छे दिन पर आत्मचिंतन करने को लेकर डर क्यों है? होसबाले ने सच्चाई बताई है जो सर्वेक्षण भी कह रहे हैं।’’

गौरतलब है कि ‘अच्छे दिन’ भाजपा का नारा है जिसका इस्तेमाल जे.पी.नड्डा नीत पार्टी और उसके नेता वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि आश्चर्य नहीं होगा अगर बढ़ती आर्थिक असमानता से ‘‘बड़ा आक्रोश पैदा हो।’’ उन्होंने कहा कि देश ‘कॉरपोरेट जगत’ के जाल में फंस रहा है जो अच्छा संकेत नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘लोग दिन पर दिन हताश और बेसब्र हो रहे हैं। यह समय भाजपा के लिए जाग जाने का है।’’

Back to top button