बाइडन ने द्विपक्षीय संबंधों एवं मित्रता को गहरा बनाने पर चर्चा की…

डे नाईट न्यूज़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा की तथा आपसी मित्रता को और गहरा बनाने के उपायों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बाइडन से कहा, ‘‘ऐसा बहुत कुछ है जो हम साथ मिलकर कर सकते हैं और करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक गठजोड़ सही मायने में भरोसे की एक साझेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा एवं अन्य मामलों में हमारे साझा हितों और हमारे साझा मूल्यों ने विश्वास के हमारे बंधन को मजबूत किया है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘हमारे लोगों के आपसी संबंध और मजबूत आर्थिक सहयोग हमारी साझेदारी को अद्वितीय बनाते हैं।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कारोबार और निवेश में भी निरंतर विस्तार होता जा रहा है, यद्यपि यह अब भी क्षमता से बहुत कम है।

मोदी ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हमारे बीच भारत-अमेरिका निवेश प्रोत्साहन समझौते से निवेश की दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ा रहे हैं और वैश्विक मुद्दों पर भी आपसी समन्वय सुदृढ़ कर रहे हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘हम दोनों ही देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बारे में समान नजरिया रखते हैं और न सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि अन्य समान विचार रखने वाले देशों के साथ अपने साझा मूल्यों और साझा हितों को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्वाड और कल घोषित आईपीईएफ (समृद्धि के लिए हिंद-प्रशांत आर्थिक प्रारूप) इसके उदाहरण हैं। आज, हमारी चर्चा से इस सकारात्मक रफ्तार को और गति मिलेगी।’’

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, ‘‘मैं भारत-अमेरिका साझेदारी को पृथ्वी की सबसे निकटतम साझेदारियों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘हमने यूक्रेन पर रूस के नृशंस एवं अनुचित आक्रमण के प्रभावों पर भी चर्चा की।’’

इससे पहलेख् प्रधानमंत्री मोदी ने तोक्यो में चार देशों के समूह ‘चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद’ (क्वाड) की आमने-सामने हुई दूसरी शिखर वार्ता में कहा कि इसके सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और दृढ़ संकल्प न सिर्फ लोकतांत्रिक ताकतों को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना को प्रोत्साहित भी कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी क्वाड शिखर बैठक में हिस्सा लेने जापान गए हैं। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और आस्ट्रेलिया शामिल हैं। क्वाड समूह के नेता यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण और चीन के साथ प्रत्येक सदस्य देश के द्विपक्षीय संबंधों में लगातार आ रही गिरावट से उपजे भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच जापान की राजधानी में मिल रहे हैं।

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