मानसून से पहले साफ होंगे शहरों के नाले…

-सभी नगर निकायों में चलेगा 20 दिनों का स्पेशल ड्र

डे नाईट न्यूज़ । मानसून से पहले झारखंड के सभी नगर निकायों के छोटे बड़े नाला- नालियों की सफाई होगी। इसको लेकर सूबे के नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री विनय कुमार चौबे ने वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में सभी नगर आयुक्तों,कार्यपालक पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है। बैठक में निकायवार स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के बाद सचिव ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले नालों की सफाई हो जाने से शहरों में जल जमाव की समस्या बहुत हद तक कम हो जाएगी। इसलिए इसे समय रहते पूरा कर लें। उन्होंनें यह भी कहा कि अगर इसके लिएअतिरिक्त मैनपावर और मशीन की जरुरत पड़ती है, तो उसकी भी व्यवस्था करें, पर साफ सफाई से कोई समझौता नहीं होगा। वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव श्री विनय कुमार चौबे द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश इस प्रकार हैं। बरसात से पहले सभी छोटे बड़े नालों की सफाई सुनिश्चित हो। यह कार्य 21 मई से शुरू कर 10 जून तक संपन्न करें। सभी नगर निकाय व्हाट्सएप नंबर नागरिकों के बीच जारी करें। व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से जलजमाव की शिकायत प्राप्त होगी। रिस्पॉंस टीम बनाकर नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें। सफाई से जुड़ी शिकायत के समाधान के लिए स्टैंडबाई टीम भी तैयार रखें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की। विभागीय सचिव ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की और कई आवश्यक निर्देश दिए। सैनेटरी लैंडफील्ड का निर्माण हो। प्लांट के निर्माण में तेजी लाएं। स्वच्छता के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद का भी निर्देश दिया गया। प्लांट के लिए भूमि चिह्नितीकरण और चारदिवारी का भी निर्देश जारी किया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की परियोजनाओं के मूल्यांकन का निर्देश। डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य में तेजी लाने का निर्देश।जहां परामर्शी नहीं हैं, वहां परामर्शी चयन का भी निर्देश दिया गया। गोड्डा, पाकुड़, खूंटी, चिरकुंडा को 15 अगस्त 2022 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश। मिहिजाम और मधुपुर नगर निकाय को निर्देश दिया गया कि वे प्लांट निर्माण कार्य में गति लाएं। चाईबासा, चक्रधरपुर, सरायकेला, चास एवं जामताड़ा को भूमि प्राप्ति में उत्पन्न बाधा को दूर करनें का निर्देश दिया गया। बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट को प्रारंभ करने के लिए वैधानिक प्रमाण पत्रों के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है। उन्होंने नगर निकायों से आग्रह किया कि लिगेसी कचरा को हटाने के लिए निकाय प्रस्ताव भेजे, ताकि केन्द्र से इसकी स्वीकृति और राशि प्राप्त की जा सके। समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार, सहायक निदेशक आशीष कुमार के साथ कई नगर निकायों के नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य कर रही निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि और जुडको के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

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