क्यों बख्शे गए इलाज में लापरवाही करने वाले डाक्टर…

-कोर्ट में मौजूद और आउटडोर में कार्यरत डाक्टरों को बनाया गया दोषी

डे नाईट न्यूज़ । जिला अस्पताल उर्सला में बच्चे के इलाज में हुई लापरवाही के मामले में सीएमएस द्वारा बनाई गई जांच रिपोर्ट में झोल ही झोल है। जिन दो डाक्टरों को जांच रिपोर्ट में दोषी बनाया गया उनमें एक डाक्टर उस दौरान गवाही देने के लिए कोर्ट में मौजूद था और दूसरा आउटडोर इमरजेंसी में इलाज कर रहा था। वहीं दो डाक्टर जो इमरजेंसी में इलाज के लिए मौजूद थे उनको पूरी तरह से बख्श दिया गया है। इसको लेकर दोषी बनाये गये डाक्टरों में नाराजगी है और उन्होंने अपना पक्ष भी निदेशक के सामने रख दिया है।

जिला अस्पताल उर्सला में चार मई को दादा नगर निवासी एक विधवा मां अपने चार वर्षीय चोटिल पुत्र अभिनव को इलाज के लिए गोद में लिए भटकती रही। बच्चे का अस्पताल में न इलाज हुआ और न ही उसे स्ट्रेचर दिया गया। अस्पताल की भीषण लापरवाही का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया और निदेशक डा. एसपी चौधरी ने सीएमएस डा. अनिल निगम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी। जांच रिपोर्ट में दो वार्ड ब्वॉय, दो फार्मासिस्ट और दो डाक्टर को दोषी बनाया गया। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक ने दोनों वार्ड ब्वॉयों को सस्पेंड कर दिया और दो फार्मासिस्ट के साथ डा. प्रवीन सक्सेना, डा. केएन कटियार के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र लिख दिया।

सीएमएस की जांच रिपोर्ट में झोल ही झोल

सीएमएस की जांच रिपोर्ट में फिलहाल साक्ष्यों के आधार पर झोल ही झोल दिखाई पड़ रहा है। जांच रिपोर्ट में जिस डा. प्रवीन सक्सेना को दोषी बनाया गया वह घटना के दौरान कोर्ट में गवाही के लिए मौजूद था। डा. प्रवीन ने साक्ष्य के साथ अपना पक्ष निदेशक के सामने रख दिया है। दूसरे दोषी डा. केएन कटियार ने भी प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के जरिये अपना पक्ष निदेशक के सामने रखा और उसने कहा कि उस दिन मेरी ड्यूटी इनडोर और आउटडोर इमरजेंसी में थी। जिस समय महिला बच्चे को लेकर इमरजेंसी में आई तो उसे एक्सरे के लिए लिख दिया गया। इसके बाद मैं आउटडोर में चला गया और इमरजेंसी की जिम्मेदारी डा. अमित जैन (ईएमओ) और डा. जेसली (डीएनबी रेजीडेन्ट) को दे दी। यही नहीं सीसीटीवी फुटेज में भी साफ देखा जा रहा है कि डा. अमित और डा. जेसली घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात थे।

दोषी बनाये गये डाक्टरों का कहना है कि सीएमएस डा. अनिल निगम ने डा. अमित और डा. जेसली को क्यों बख्श दिया? इसकी जांच होनी चाहिये। इस पर जब निदेशक से बुधवार को पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और कहा कि अभी जांच चल रही है जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि निदेशक ने डा. प्रवीन सक्सेना और डा. केएन कटियार के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को जो पत्र लिखा है अगर उस पर कार्रवाई हो गई तो निदेशक सीएमएस के खिलाफ कार्रवाई कर पाएंगे?

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