जापान ने कितने भारतीय परियोजनाओं का चयन…

डे नाईट न्यूज़ । जापान सरकार ने आठ भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई परियोजनाओं का चयन किया है, जिन्हें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने की व्यवस्था के तहत डेटा, आईटी, चिकित्सा और कोल्ड चेन मार्केटप्लेस के क्षेत्र में क्रियान्वित किया जाएगा।

इन आठ परियोजनाओं में से छह परियोजनाएं भारत की हैं और जापान द्वारा 25 अप्रैल को भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति शृंखला के लचीलापन कार्यक्रम के लिए चुना गया था। शेष दो परियोजनाओं का संचालन ऑस्ट्रेलिया में किया जाएगा। इन परियोजनाओं को मार्च 2023 तक लागू किया जाएगा।

जापानी दूतावास ने गुरुवार को एक बयान में कहा ‘ये परियोजनाएं शुरू में जापानी कंपनियों को उनकी आपूर्ति शृंखला की परिकल्पना करने, लॉजिस्टिक को उन्नत करने, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाने और उनके उत्पादन आधारों में विविधता लाने में मदद करने के लिए एक प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन करेंगी।’

यह घटनाक्रम भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति शृंखलाओं के लचीलेपन को बढ़ाने तथा आपूर्ति के भरोसेमंद स्रोत विकसित करने और इस योजना में शामिल हो सकने वाले अन्य देशों का पता लगाने के लिए ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ भारत द्वारा त्रिपक्षीय आपूर्ति शृंखला लचीलापन पहल (एससीआर आई) व्यवस्था में शामिल होने के एक साल बाद सामने आया है।

इस का उद्देश्य क्षमता निर्माण और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों को अवसर प्रदान करना भी है। इन परियोजनाओं में से एक परियोजना का उद्देश्य विनिर्माण घटकों का एक मास्टर डेटाबेस स्थापित करना है, जो ड्रोन विनिर्माण प्रक्रिया के डिजिटलीकरण के लिए विभिन्न विनिर्माण प्रक्रियाओं में जानकारी तक पहुंच को सक्षम करेगा। इसके अलावा अन्य परियोजनाओं से रासायनिक उर्वरक के इस्तेमाल में कमी आएगी, जिससे उपग्रह के डेटा और कृत्रिम मेधा के साथ खेतों में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

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