हरिद्वार में कब तक होगा विकास…

डे नाईट न्यूज़ । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने मोदी विजन की खूबियों को एक-एक कर गिनाया। उन्होंने कहा कि मोदी विजन के कारण हरिद्वार एक ऐसे स्तर पर पहुंच गया है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। केंद्रीय मंत्री बुधवार को यहां राजमार्ग स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमने 4 साल में जो किया है, वो पिछले 70 सालों में नहीं किया गया था। यह प्रधानमंत्री मोदी का ही विजन है, जो इसे चला रहा है। उन्होंने कहा कि चुनावों ने साबित कर दिया कि यह उनका विजन वही है, जो राज्य चाहता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो राज्य बहुत ज्यादा विकास से सुशोभित नहीं रहे हैं, उनको आकांक्षी जिले के नाते आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों को प्रोत्साहित किया है। मोदी सरकार की सोच है कि सभी जनप्रतिनिधि चाहे केंद्र के हों या राज्य सरकारें हों, लोकल इकाइयों के हों मिलकर उन महत्वाकांक्षी जिलों को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।

इन जिलों का कैसे उद्धार हो, कैसे सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं, वहां हर घर तक पहुंचें। इस पर बल दिया जा रहा है। समाज के हर एक व्यक्ति को उनका लाभ मिले, उस पर विशेष बल दिया जा रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हम सभी को अलग-अलग जिले बांटे हैं। मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे हरिद्वार आने का मौका मिला और मुझे हरिद्वार जिला मिला।

गौरतलब है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर के 112 सबसे कम विकसित जिलों को जल्दी और प्रभावी ढंग से विकास में आगे लाना है। जिलों में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं घर-घर तक पहुंचाना पीएम मोदी का मकसद है। उत्तराखंड में 2 जिलों को आकांक्षी जिलों में चयनित किया गया है। इसमें एक उधम सिंह नगर है और एक हरिद्वार जिला है। हरिद्वार की जिम्मेदारी पीयूष गोयल को दी गई है।

उन्होंने कहा कि सारे रास्ते साफ, अब गंगा भी साफ है। नमामि गंगे और स्वच्छ भारत ने लोगों को यह एहसास कराया है कि स्वच्छता महत्वपूर्ण है और इसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं। उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति देखने को मिली है। उत्तराखंड के स्कूलों में शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण कर दिया गया है। पेयजल और बिजली की व्यवस्था भी सभी स्कूलों में सुनिश्चित कर दी गई है।

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