युवती की मौत के मामले में आया नया मोड़…

डे नाईट न्यूज़ । उत्तर प्रदेश के चंदौली में पुलिस की कथित पिटाई से मृत युवती के मामले में सैयदराजा थाना के प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं इस मामले में मृतका के भाई की ओर से रेप का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद सोमवार को आई मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस ने अंदरूनी या बाहरी चोट होने से इंकार किया है। मृतका के भाई के आरोपों को लेकर चंदौली के एसपी ने कहा कि पीएम रिपोर्ट में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है, फिर भी हम जांच करा रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं हुई अंदरूनी या बाहरी चोट की पुष्टि
सोमवार को इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ। चंदौली के एसपी अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस की दबिश के दौरान हुई युवती की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं मिली है। लड़की के शरीर पर मिले दो निशान मिले है। गले के सामने खरोंच और बाएं जबड़े के नीचे 0.5 सेंटीमीटर की मामूली चोट पाई गई। पूरे शरीर में कहीं कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं।

मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर खड़े हो रहे सवाल
इधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी या बाहरी चोट की पुष्टि नहीं हुई। वहीं दूसरी तरफ निशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। मृतका के परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं है फिर मौत कैसे हुई? पुलिस की मारपीट में युवती घायल थी तो अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? गले के सामने खरोंच और बांए जबड़े के नीचे आधा सेंटीमीटर की चोट कैसे आई? मौत का कारण साफ नहीं इसलिए विसरा परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया। आपको बता दें कि अक्सर जहर खाने से हुई मौत के मामलों में विसरा परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाता है।

दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने प्राथमिक जांच के बाद सैयदराजा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है और साथ ही मुकदमा दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि यदि मामले में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस प्रकरण को लेकर पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीति शुरू हो गयी है।

जानिए क्या है मामला
आपको बताते चलें कि पूरा मामला चंदौली के मनराजपुर गांव का है। जहां आरोप है कि दबिश देने गई पुलिस ने कथित गैंगस्टर कन्हैया यादव की बेटियों की बेटियों की बुरी तरह पिटाई कर दी। इसी बीच पुलिस की मारपीट से कन्हैया यादव की एक बेटी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।इतना ही नहीं, इस मामले में सैयद राजा थाने के प्रभारी आरोपी उदय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

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