इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने में हो रही देरी…

डे नाईट न्यूज़ । राजधानी में डीटीसी और क्लस्टर बस सेवा के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने में देरी हो रही है। दोनों ही बेड़े में कुल 630 बसों को शामिल किया जाना है। डीटीसी बेड़े की 300 बसों को अप्रैल 2022 तक शामिल करने की संभावना थी लेकिन अब उनमें भी देरी हो रही है।

डीटीसी को अपने बेड़े की बसों में से अक्टूबर 2021 में कुल 118 बसें, नवंबर में 100 और दिसंबर 2021 तक 60 बसें मिलनी थीं। जबकि शेष 20 बसों की डिलीवरी जनवरी 2022 तक होनी थी। कोरोना की दूसरी लहर के चलते डिलीवरी में देरी हुई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के लिए निर्धारित डिपो पर चार्जिंग स्टेशन व अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में देरी हुई।

पंजीकरण प्रक्रिया चल रही : क्लस्टर बस सेवा के तहत में बेड़े में कुल 330 लो फ्लोर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाना है। क्लस्टर बेड़े की सभी बसें जनवरी से जून 2023 के बीच शामिल की जाएंगी। डीटीसी ने अभी तक दो इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया है। जबकि 74 ई-बसें आ चुकी हैं। इनके पंजीकरण का काम चल रहा है। इनमें से 50 बसें रोहिणी सेक्टर-37 और 24 बसें मुंडेला कलां के डिपो पर खड़ी हैं। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा।

डीटीसी बेड़े में शामिल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ओपेक्स मॉडल पर किया गया है। इसमें बिजली से चलने वाली 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए मेसर्स जेबीएम ने सबसे कम 68.58 रुपये प्रति किमी की दर से बोली लगाई है। दूसरी कंपनी मेसर्स टाटा मोटर्स है। टेंडर की शर्तों के अनुसार, मेसर्स जेबीएम को 200 और टाटा को 100 बसों का संचालन करना है।

दस साल तक ऑपरेटर की जिम्मेदारी : 10 साल तक बसों या बैटरी के रखरखाव के लिए ऑपरेटर जिम्मेदार होंगे। इन बसों के संचालन के लिए बिजली की खपत का खर्च डीटीसी की ओर से उठाया जाएगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, चार्जिंग उपकरण और ट्रांसफॉर्मर की लागत भी आपरेटर स्वयं वहन करेंगे। एक बार चार्ज होने पर बसें कम से कम 120 किमी की दूरी तय कर सकेंगी। बसों की चार्जिंग के लिए अधिकांश डिपो पर इंफ्रास्ट्रक्चर यानी ढांचा तैयार कर लिया गया है।

मार्च 2021 में मिली थी प्रस्ताव को मंजूरी : मुख्यमंत्री केजरीवाल की अध्यक्षता में 27 मार्च 2021 कैबिनेट ने डीटीसी के बेड़े में 300 लो फ्लोर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बोलीदाता का चयन होने के बाद 30 मार्च 2021 को ई-बसें अनुबंध किए जाने के लिए एलओए जारी किया गया। इसके बाद सभी बसों को अप्रैल 2022 तक बड़े में मिल किए जाने की संभावना जताई गई।

कहां से चलेंगे इलेक्ट्रिक बसें

डिपो बसों की संख्या

मुंडेला कलां 100

राजघाट 50

रोहिणी सेक्टर 37- 150

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