सेमीकंडक्टर विनिर्माण को मंजूरी…

डे नाईट न्यूज़ । केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने की पहल के तहत अगले छह-आठ महीनों में इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माताओं को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने यहां आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया-2022’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अगले छह-आठ महीनों में सेमीकंडक्टर के घरेलू विनिर्माण को मंजूरी दे सकती है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग का ढांचा खड़ा करना कोई फर्राटा दौड़ नहीं है और सरकार इस कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में पहले ही 76 अरब डॉलर तक पहुंच चुके हैं और 300 अरब डॉलर तक पहुंचने की राह पर बढ़ रहे हैं। जिस तरह से स्मार्टफोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है और 5जी उद्योग भी बढ़ रहा है, हमें आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर के लिए बहुत ऊंची वृद्धि नजर आ रही है।’

वैष्णव ने सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास के लिए सरकार के स्तर पर जरूरी पहल के लिए तैयार रहने का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम उद्योग, सरकार, शैक्षणिक एवं शोध जगत के बीच गंभीर साझेदारी के लिए तैयार हैं जो कि सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास के लिए जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि कई देशों में सेमीकंडक्टर उद्योग को दिए जा रहे प्रोत्साहन के बीच भारत ने भी बढ़िया प्रोत्साहन देने की पेशकश की है।

उन्होंने कहा, ‘फर्क यह है कि हम अगले 10 वर्षों में सेमीकंडक्टर से जुड़े 85,000 पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने वैश्विक संस्थानों के साथ गठजोड़ भी किया है।’ वैष्णव के अनुसार देश के करीब 100 शिक्षण संस्थानों और शोध एवं विकास संस्थानों को इस काम में लगाया गया है कि वे सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े शोध कार्यों के लिए 5,000 पेशेवरों और 30,000 इंजीनियरों के अलावा निचले स्तर के 50,000 कर्मचारियों को भी तैयार करें।

इसी कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए लाए गए भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के तहत प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है और इस संबंध में समुचित कदम के बाद विनिर्माण प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। सरकार को इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने के लिए पांच कंपनियों से प्रस्ताव मिले हैं जिन पर 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। इनमें वेदांत फॉक्सकॉन, आईजीएसएस वेंचर्स, आईएसएमसी शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि अगले चार वर्षों में सेमीकंडक्टर विनिर्माण से देश में करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 1.35 लाख लोगों को रोजगार मिलेंगे।

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