कितना वेतनमान देने की घोषणा की…

डे नाईट न्यूज़ । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्निशमन अधिकारियों के पक्ष में राहत भरा आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया है कि फायर सर्विस में अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पद पर नियुक्त 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अधिकारियों को चीफ फायर ऑफिसर पद का वेतनमान ग्रेड पे रुपया 5400 देने पर डीजी फायर सर्विसेस लखनऊ निर्णय ले।

यह आदेश जस्टिस मंजू रानी चौहान ने अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, संजीव कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि याचीगण की नियुक्ति वर्ष 1997 में फायर स्टेशन द्वितीय ऑफिसर के पद पर हुई थी। याचीगणों को वर्ष 2008 में फायर स्टेशन ऑफिसर के पद पर प्रोन्नति प्रदान की गई। परंतु उन्हें न तो द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान रुपया 5400 ग्रेड दिया जा रहा था और न ही उनके द्वारा की गई प्रशिक्षण की अवधि को सेवा में जोड़ा जा रहा था। वरिष्ठ अधिवक्ता गौतम का तर्क था कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश 26 अगस्त 2015, 3 मार्च 2015, 5 नवम्बर 2014 एवं 21 जुलाई 2011 के तहत वे सभी अग्निशमन अधिकारी जिन्होंने विभाग में 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें उनके द्वारा की गई प्रशिक्षण अवधि को जोड़ते हुए द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान 5400 चीफ फायर ऑफिसर के पद का दिया जाना चाहिए। कहा गया था कि याची सातवें वेतन आयोग का लाभ भी पाने के हकदार हैं।

बहस की गई कि लालबाबू शुक्ला के प्रकरण में कोर्ट द्वारा प्रतिपादित किए गए विधि सिद्धांत के अनुसार याचीगण की प्रशिक्षण की अवधि उनकी सेवाओं में जोड़ी जानी चाहिए तथा चीफ फायर ऑफिसर के पद का ग्रेड पे 5400 दिया जाए। मामले के अनुसार सभी याचियों की सेवाएं 16 वर्ष से ज्यादा की थी। हाईकोर्ट ने डीजी फायर सर्विस को निर्देश दिया है कि वह 3 माह के अंदर उन सभी फायर स्टेशन ऑफिसरों की जिन्होंने 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उनके प्रशिक्षण अवधि को सेवा में जोड़कर द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान 5400 ग्रेड पे दिए जाने को लेकर नियमानुसार आदेश पारित करें।

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