मासूम बच्चों से हैवानियत के आरोपी को 7 साल में भी नहीं मिली जमानत…

डे नाईट न्यूज़ । मासूम भाई-बहनों के यौन शोषण करने के आरोपी युवक की शार्ट टर्म बेल की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी ने अबकी बार कैंसर पीड़ित पिता से मुलाकात करने के लिए जमानत अर्जी लगाई थी। गंभीर एवं घिनौनी वारदात के आरोपी युवक को गिरफ्तारी के बाद से 7 साल में एक बार भी जमानत नहीं मिली है। मामला मुरादनगर थाना क्षेत्र का है। आरोपी युवक का नाम मोंटी है। आरोपी पर गांव के ही मासूम भाई-बहन के साथ कुकर्म और दुष्कर्म करने का आरोप है। दोनों बच्चों की उम्र 10 और 11 साल के बीच है।

पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि मुराद नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में 7 साल पहले घटना घटी थी। बच्चों के परिजन ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में आरोपी मोंटी पर आरोप है कि उसने दो भाई बहन के साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना के बारे में परिजनों को बताने पर दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। घटना की शिकायत पर मुरादनगर पुलिस ने बच्चों के यौन शोषण के मामले में कुकर्म और दुष्कर्म दोनों धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसी आरोप में घटना के कुछ दिन बाद ही मोंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। लोक अभियोजक ने बताया कि इस बार मोंटी की ओर से अधिवक्ता ने शार्ट टर्म बेले देने की अर्जी लगाई थी। अर्जी में पिता के कैंसर से ग्रस्त होने का जिक्र किया गया था। उन्होंने बताया कि दो बच्चों के यौन अपराधों के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। क्योंकि एडीजे कोर्ट में शार्ट टर्म बेल देने का प्रावधान ही नहीं है।

पोक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि मुरादनगर क्षेत्र में 2014-15 में यह घिनौनी वारदात हुई थी। मासूम बच्चों के परिजन ने थाने में पड़ोसी युवक मोंटी के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखाया था। मुरादनगर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से अब तक मासूम बच्चों के यौन शोषण के आरोपी मोंटी को अदालत से एक बार भी जमानत नहीं मिली है। वह लगातार 7 साल से जेल में है। लोक अभियोजगक ने बताया कि इस केस की सुनवाई तेजी से चल रही है।

Back to top button