इलेक्ट्रिक व्हीकल्स राजधानी बनेगी दिल्ली : केजरीवल

डे नाईट न्यूज़। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में राजधानी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की राजधानी बनेगी। केजरीवाल ने गुरुवार को यहां के आईपी डिपो से इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के एक बेड़े को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाया जाए। इसके लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस वर्ष राज्य में जितने वाहनों की बिक्री हुई है उसमें 10 फीसदी हिस्सेदारी ईवी का है।

केजरीवाल ने कहा कि अभी तक 4000 इलेक्ट्रिक ऑटो रवाना किए गए हैं। 3500 लोगों को एलओआई जारी किया जा चुका है। अब 3500 लोग दिल्ली की सड़कों इन वाहनों को चला सकेंगे। उन्होंने कहा कि 500 महिलाओं को भी इलेक्ट्रिक ऑटो दिए गए हैं। इस दौरान दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, डीडीसी के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने एक वर्ष पहले इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (ईवी) को लागू किया था। बीते दिनों दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2024 तक राजधानी में 25 फीसदी तक ईवी को बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरे मन में एक संदेह था कि क्या महिलाएं ऑटो चलाएंगे, तो उनकी सुरक्षा को लेकर इश्यू तो नहीं हो सकते। इस पर मैंने ऑटो चालक सुनीता चौधरी जी से बात की। सुनीता चौधरी 2003 से ऑटो चला रही हैं। उनको ऑटो चलाते हुए करीब 1़9 साल हो गए। सुनीता चौधरी ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है। ऑटो चलाना बिल्कुल सुरक्षित है। कोई दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है। जिन महिलाओं को आज ई-ऑटो मिले हैं, उन सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मुझे लगता है कि आज हम सब लोगों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जो ईवी पॉलिसी बनाई है, यह बहुत ही शानदार पॉलिसी है। पूरे देश के अंदर इसकी तारीफ हो रही है। दिल्ली देश की राजधानी तो है ही। लेकिन अब यह ईवी कैपिटल भी माना जाने लगा है। हमें यह लगता था कि लोगों को थोड़ा समय लगेगा, जब हम लोगों से कहेंगे कि अगर आप को नई गाड़ी खरीदनी है, तो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदो। जितनी तेजी से लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना चालू किया है, यह देखकर हमें भी आश्चर्य होने लगा है। जब से ईवी पॉलिसी लागू हुई है। इसके पहले साल के अंदर ही इस साल दिल्ली में जितने वाहन खरीदे गए, उसका 10 फीसद इलेक्ट्रिक वाहन लोग खरीद रहे हैं। लोगों के अंदर भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर काफी उत्साह है। इसका साफ मतलब है कि हमने जो ईवी पॉलिसी लागू की है, वो सही पॉलिसी है। पॉलिसी लागू हो रही है और उसे लेकर लोगों के अंदर उत्साह है। ईवी पॉलिसी बहुत अच्छी है और अब पूरे देश के अंदर इसी तरह की ईवी पॉलिसी लागू की जा रही है।

इस अवसर पर सीएम केजरीवाल ने महिला व पुरुष ई-ऑटो चालकों को आरसी प्रदान किया। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने ई-ऑटो का मौका मुआयना किया। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और विभाग के अधिकारियों ने उन्हें ई-ऑटो की विशेषताओं से अवगत कराया। सीएम अरविंद केजरीवाल एक महिला चालक के ऑटो में बैठकर कुछ दूर तक सवारी की और इन ऑटो की विशेषताओं और सुरक्षा पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ चालकों से भी बात की। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने ई-ऑटो चालक सुनीता चौधरी को मंच पर बुलाकर सभी से उनका परिचय कराया। सीएम ने कहा कि सुनीता जी 2003 से ऑटो चला रही हैं। पांच साल में हमने ईवी पॉलिसी के तहत 45 हजार से अधिक लोगों को नौकरी मिली है।

इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि हमने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है। सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलेगी। हमने सीईएसएल के साथ मिलकर पोर्टल और साफ्टवेयर को तैयार किया है। दो-तीन साल पहले हमने जब 10 हजार परमिट जारी किए थे। उससे भी हम लोगों ने बहुत कुछ सीखा है। इस बार किसी भी ऑटो चालक भाई-बहन को अगर आवेदन जमा करना है, लोन लेना है और ऑटो खरीदना है, तो वो उसे उस पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना है। लोन लेने की औपचारिकताएं भी पोर्टल के जरिए ही पूरी की जाएंगी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हमेशा यह बात कही है कि जो आप करें, वो एक आम आदमी की नजर में रखकर करें, ताकि उसको कहीं भी जाने की आवश्यकता न हो।

उन्होंने बताया कि हर एक ऑटो पर 30 हजार रुपए की सब्सिडी है। साथ ही अगर कोई लोन लेता है, तो उसमें भी 5 फीसद की छूट है। हमारी ईवी पॉलिसी का लक्ष्य है कि तीन किलोमीटर की परिधि में एक चार्जिंग प्वाइंट जरूर मिले। इसमें हमने डिस्कॉम के साथ भी साझेदारी की है। आज की तारीख में अगर आप सबसे सस्ता चार्जिंग प्वाइंट स्थापित कर सकते हैं, तो पूरे देश में एकमात्र दिल्ली ही है। मात्र दो हजार देकर आप चार्जर लगा सकते हैं। आप अपने घर में भी ई-ऑटो को चार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, जितने भी डीएमआरसी के स्टेशन हैं, उन पर भी चार्जिंग प्वाइंट लगाने की हमारी बातचीत चल रही है। वहां भी हम इनको चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। दिल्ली सरकार ने 300 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन का टेंडर किया था। वो भी सफल हो गया है और जल्द ही चालू हो जाएगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि कई महिलाएं हैं, जो काफी समय से ऑटो चला रही हैं। कुछ महिलाएं टैक्सी चला रही हैं। उन्होंने जब देखा कि हम इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए परेशानी मुक्त परमिट दे रहे हैं, तो उन्होंने भी इसमें काफी रूचि दिखाई और इसमें शिफ्ट की हैं। हमारे जितने भी सार्वजनिक परिवहन हैं, उसमें जीपीएस आवश्यक है और हम अपने कमांड सेंटर से इनकी मॉनिटरिंग भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय किए है। इसमें महिलाओं को बढ़ावा दिया गया है, ताकि उनको रोजगार मिल सके। कमर्शल वाहन चलाने के लिए महिलाओं को जो लाइसेंस लेना पड़ता था, उसकी फीस करीब 15 हजार रुपए थी। हम लोगों ने यह फीस माफ कर दी है। अब यह फीस दिल्ली सरकार देगी। इसके अलावा, अगर कोई महिला डीटीसी या क्लस्टर की बस चलाना चाहती हैं, तो उसमें भी हमने रियायत दी है। पहले डीटीसी या क्लस्टर बस चलाने के लिए तीन साल का अनुभव मांगते थे, जिसे हमें खत्म कर दिया है। अब जिस भी महिला के पास लाइसेंस है, वो दिल्ली सरकार के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में मात्र एक महीने की ट्रेनिंग करके चला सकती है। अब महिलाओं को इसके लिए तीन साल तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। शारीरिक उंचाई को लेकर जो शर्तें थीं, उसमे भी हम लोगों ने महिलाओं के लिए कम कर दी है। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं दिल्ली की सड़कों पर वाहन चलाएं।

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