दिल्ली नगर निगमों के एकीकरण के लिये लोकसभा चुनाव में देरी का हथकंडा…

डे नाईट न्यूज़। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के तीनों नगर निगमों के विलय के लिये लोकसभा में विधेयक पेश किया जाना नगर निकाय चुनाव में देरी करने के लिये भाजपा द्वारा अपनाया गया एक हथकंडा है क्योंकि उसे डर है कि वह चुनाव हार जाएगी। दिल्ली विधानसभा के सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी की नेता ने कहा कि अतीत में भी भाजपा ने राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव में देरी के लिये इसी तरह के हथकंडे अपनाए थे, लेकिन उनका कोई फायदा नहीं हुआ।

हालांकि भाजपा ने विधेयक को निचले सदन में पेश किये जाने का स्वागत किया और कहा कि इससे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मजबूत होगा और कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन मिल सकेगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आज दिन में विपक्षी दलों के सदस्यों के विरोध के बीच दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 लोकसभा में पेश किया। विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि यह कदम संसद के विधायी दायरे में नहीं आता। विधेयक में मौजूदा तीन निगमों को मिलाकर दिल्ली के एक एकीकृत नगर निगम के गठन का प्रस्ताव है। एमसीडी पर 2012 से भाजपा का शासन है। भाजपा 2007 से 2011 तक पूर्ववर्ती एकीकृत एमसीडी में भी सत्ता में थी।

आतिशी ने कहा कि यह कदम भाजपा द्वारा दिल्ली में निकाय चुनाव में देरी करने का एक हथंकडा है क्योंकि उसे डर है कि उसे हार का सामना करना पड़ेगा। आप नेता ने कहा कि भाजपा ने पहले भी इसी तरह के हथकंडों का इस्तेमाल किया था जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव में देरी करने के इरादे से राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। हालांकि, जब चुनाव हुए तो पार्टी केवल तीन सीटों तक सिमटकर रह गई। आतिशी ने कहा, ”अभी चुनाव होते तो आप (भाजपा) 15-20 सीटें जीत सकते थे। लेकिन अब चुनाव में देरी होने पर आप दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरह एकल अंक तक ही सीमित रहेंगे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम राजनीति छोड़ देंगे।”

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि इस विधेयक को लाकर भाजपा नगर निगम चुनाव में अपनी हार टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ”यह कदम भाजपा द्वारा नगर निकाय चुनावों में अपनी हार को टालने के लिए रची गई साजिश है। मसौदा विधेयक में इसका कहीं उल्लेख नहीं है कि एमसीडी की वित्तीय स्थिति कैसे सुधारी जाएगी।”

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि इस विधेयक से निगम और उसके कर्मचारियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, ”यह कदम एमसीडी को मजबूत करेगा और स्वच्छता, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी सेवाओं में सुधार करेगा। दिल्ली सरकार धन नहीं देकर नगर निकायों को परेशान कर रही है। वे (आप सरकार) एमसीडी को कमजोर कर रहे हैं। एकीकरण एमसीडी कर्मचारियों की मदद करेगा और वेतन व बकाये का समय पर वितरण सुनिश्चित करेगा।” एमसीडी को साल 2011 में तीन भागों में विभाजित किया गया था।

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