तीर्थराज प्रयाग आध्यात्मिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक की उर्वरा भूमि…

डे नाईट न्यूज़। दूरदर्शन केन्द्र इलाहाबाद ने मंडलायुक्त-दूरदर्शन आजादी का अमृत महोत्सव पर मनाया ‘रंगोत्सव|
आजादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में होली के रंग हुनर के संग ‘रंगोत्सव’ का शानदार कार्यक्रम अपने प्रांगण दूरदर्शन केन्द्र में किया। मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त संजय गोयल ने कहा कि कार्यक्रम की सुंदर फ्रेमिंग ने मुझे यहां से न जाने पर विवश कर दिया। तीर्थराज प्रयाग अध्यात्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत उर्वरा भूमि रही है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त संजय गोयल, विशिष्ट अतिथि डॉ.बी.के कश्यप, केन्द्राध्यक्ष हर्षित कुमार और विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी इलाहाबाद के निदेशक देवेश कुमार श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंडलायुक्त ने कहा कि कवियों, कलाकारों और कार्यक्रम का बहुत ही उच्चस्तरीय मंच संचालन आदि सभी ने मुझे इतनी देर तक बांधे रखा, यही कार्यक्रम की अपार सफलता का बहुत बड़ा सबूत है।

शुरुआत में पूर्णिमा डांस ग्रुप की नृत्यांगना नेहा शर्मा ने भजन पर भावपूर्ण एकल नृत्य से प्रस्तुतियां की। उसके बाद कवि गोष्ठी का मंच संचालन करते हुए हास्य व्यंग्य के वरेण्य हस्ताक्षर कवि अशोक बेशरम ने बस्ती से पधारे कवि विजय कुमार श्रीवास्तव को सर्वप्रथम काव्य पाठ हेतु आमंत्रित किया। हास्य व्यंग्य के मशहूर कवि नजर इलाहाबादी ने ‘तीतर के बाहर तीतर, तीतर के भीतर तीतर’ कविता सुनाकर उपस्थित मेहमानों को खूब हंसाया। अमित जौनपुरी ने अपनी होली की चर्चित कविता सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। गीतकार जितेन्द्र मिश्र जलज के गीतों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। अपनी रचनाओं से हंसाने-गुदगुदाने के लिए चर्चित और मशहूर शायर फरमूद इलाहाबादी ने लोगों को हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर दिया। शायर कवि और गायक लोकेश शुक्ला ने अपने हरदिल अजीज तरन्नुम से अध्यक्षीय काव्य पाठ किया जबकि उनसे पहले संचालन कर रहे कवि अशोक बेशरम ने हास्य व्यंग्य शृंगार व समसामयिक रचनाओं से जमकर तालियां बजवाईं।

सुगम संगीत की मुख्य गायिका अन्शुला सिंह ने गणेश वंदना “गजपति शरण मिले“ से शुरुआत की उसके बाद बसन्त गीत “पियर पियर सरसों…“ सीनियर लोक गायक उदय चन्द्र परदेशी के साथ संयुक्त रूप से गाकर समां बांधा। फिर होली गीतों की पेशकश के क्रम में “मेरे कान्हा जो आए… सुनाकर रंगोत्सव को जीवन्त कर दिया। वहीं उदय चन्द्र परदेशी ने “सरजू तट के राम“ अवधी लोक गीत सुनाया। जबकि सुगम संगीत का समापन अन्शुला सिंह के गाए होली गीत “रंगवाइब हम चुनरी…“ से हुआ। पूर्णिमा डांस ग्रुप की डायरेक्टर पूर्णिमा देव कुमार ने अपनी नृत्यांगनाओं के साथ उत्तर प्रदेश का ढेड़िया लोक नृत्य और कबीर व अमीर खुशरों की रचनाओं पर सूफियाना होली नृत्य फूलों और अबीर गुलाल के साथ प्रस्तुत कर पूरा माहौल होलीमय कर दिया।

यह जानकारी डॉ बी.के कश्यप ने देते हुए बताया कि स्वागत उद्बोधन हर्षित कुमार केन्द्राध्यक्ष एवं अंत में धन्यवाद अभियांत्रिकी प्रमुख इम्तियाज खान ने किया। जबकि मंच का संचालन संजय पुरुषार्थी ने किया। इस अवसर पर डॉ. शांति चौधरी, श्रीमती उमा दीक्षित, आसिफ इकबाल, श्रीमती सरोज सिंह, आबकारी अधिकारी श्रीमती प्रियंका मिश्रा, आशीष मालवीय, श्रीमती निशा मालवीय, विमल कुमार शुक्ला, ऋषभ कुमार शुक्ला, राम अवतार, अवधेश निषाद, राजेश सिंह, अर्चना, राकेश श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अविनाश गुप्ता सहित अन्य कई लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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