लोकतंत्र की रक्षा के लिए चौथा स्तंभ निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका – सुशील कुमार

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा फहरा कर पत्रकारों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता करने का लिया प्रण।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (रजि.) के तत्वावधान में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही धूमधाम मनाया गया। झंडारोहण कार्यक्रम राष्ट्रीय प्रशासनिक कार्यालय- गाज़ी रौजा तिराहा, गोरखपुर, उ. प्र. पर आयोजित किया गया। झंडारोहण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं “इंडिया न्यूज” नेशनल चैनल के गोरखपुर संवाददाता श्री सुशील कुमार जी ने झंडारोहण किया। उपस्थित सभी पत्रकारों ने राष्ट्र गान एव राष्ट्र गीत के उपरांत तिरंगे झंडे के सम्मान में सलामी दी और स्वतंत्र, निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता करने का लिया प्रण।
मुख्य अतिथि मान्यता प्राप्त पत्रकार एंव “इंडिया न्यूज” नेशनल चैनल के गोरखपुर संवाददाता श्री सुशील कुमार, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं “जनता टीवी” नेशनल चैनल के गोरखपुर संवाददाता श्री सुभाष गुप्ता जी तथा “सहारा समय” नेशनल चैनल के गोरखपुर संवाददाता श्री प्रेमचन्द चौहान जी व पत्रकारों ने तिरंगा गुब्बारा को छोड़कर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
झंडारोहण कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुशील कुमार ने कहा कि भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। देश संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। भारतीय संविधान की रक्षा के लिए चौथा स्तंभ महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई रहा है। भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
इस अवसर पर मुख्य रूप इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, अखिलेश्वर धर द्विवेदी,सैय्यद अली (राजू भाई), सुभाष गुप्ता, प्रेमचन्द चौहान, सुरेन्द्र कुमार सिंह, नवेद आलम, जिला अध्यक्ष गोरखपुर राकेश कुमार मिश्रा,रफ़ी अहमद अंसारी, डाॅ. शकील अहमद, सतीश चन्द्र, अंशुल वर्मा, मोहम्मद आजम, रमाशंकर गुप्ता, डाॅ. अतीक अहमद, मुख्तार अहमद कुरैशी, श्रवण कुमार गुप्ता, सतीश मणि त्रिपाठी,मोहम्मद इस्माइल, अवधेश श्रीवास्तव, उज्जवल कुमार, मेराज अहमद, सूर्य प्रकाश पाण्डेय, ललित सिंह, जुबेर आलम, डाॅ. बेद प्रकाश निषाद, राम सकल यादव, ख्वाज़ा जियाउद्दीन, मोहम्मद अहमद खान, मुदस्सिर हुसैन, वजीहउद्दीन, सुनील कुमार, रईश भाई आदि पत्रकार गण उपस्थित रहे।

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