सरलता व आदर्श के धनी रहे स्वतंत्रता सेनानी पं. रामसिंगार धर द्विवेदी

चतुर्थ पुण्य तिथि पर स्मरणांजलि सभा दी गई श्रद्धांजलि।

व्यक्तित्व कृतित्व पर चर्चा करके हुआ गीता श्लोक व शांति पाठ।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

स्वतंत्रता सेनानी पं. रामसिंगार धर द्विवेदी की चतुर्थ पुण्यतिथि पर स्मरणांजलि सभा हुई। शहर के मुंशीप्रेम चंद्र नगर पार्क के निकट गाेरखपुर में व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की गई। स्वतंत्रता आंदोलन व समाजहित में उनकी भूमिका व समाज सेवी के रूप में किए कार्यों पर प्रकाश डाला गया। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
पं. रामसिंगार धर द्विवेदी स्मृति विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा. सुजीत श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान में भूमिका निर्वहन करने वाले के के का पं. रामसिंगार जी के कार्य सदैव याद किए जाएंगे। विनम्र, मृदुल स्वभाव के धनी रहे। वक्ताओं ने कहा कि यदि हम उनके आदर्शों पर चले और योजना बनाकर वर्ष भर समाज उत्थान में क्रियाशील रहें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। व्यक्ति कृति रुपी शरीर से विद्यमान रहता है यही अमरत्व की अवस्था है। आत्मा अमर और अविनाशी है। इससे पूर्व कार्यक्रम पुष्प अर्चन व शांति पाठ हुआ। अंत में गीता श्लोक फिर शांति पाठ हुआ। कार्यक्रम संयोजक अखिलेश्वर धर द्विवेदी राष्ट्रीय संगठन सचिव इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने सभी के प्रति अभार जताया।
कार्यक्रम में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन सेराज अहमद कुरैशी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक राजकुमार शर्मा, पं. ज्ञानप्रकाश पांडेय, ओंकार धर द्विवेदी एडवोकेट, जगदीश धर द्विवेदी, देवेंद्र धर दूबे, जितेंद्र धर, पं. दयाशंकर, रामेश्वरधर द्विवेदी, आकाश दूबे, सच्चिदानंद, डा. विजय मिश्र, डा. विजय राय, सतीश मणि त्रिपाठी, हर्षित पांडेय, रमाशंकर गुप्ता, डा. कन्हैया गौंड, आराध्य, डाॅ. शकील अहमद आदि परिवार के सदस्य व मंच के कार्यकर्ता सहभागी बने।

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