नाइट कर्फ्यू और क्रिसमस-न्यू ईयर पार्टीज पर रोक की तैयारी, आज नई गाइडलाइन जारी हो सकती है।

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एक ओर ओमिक्रॉन मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मुंबई में हो रही रूटीन जांच में गुरुवार को 39423 टेस्टिंग में 602 नए कोविड मरीज मिले हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर को 629 नए मरीज मिले थे। वहीं राज्य में 1179 नए मरीज मिले हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य में 17 मरीजों ने दम तोड़ा है, जिसमें से एक मौत मुंबई में दर्ज की गई है। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 7897 हो गई है, जिसमें से 2813 एक्टिव मरीज मुंबई में हैं।
पिछले 24 घंटे के दौरान मिले 1179 मरीज राज्य में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1179 नए मामले सामने आए, जिनमें से 23 मामले ओमिक्रॉन के हैं। इन मामलों में से 13 पुणे जिले से, पांच मुंबई से, दो उस्मानाबाद से और एक-एक ठाणे, नागपुर तथा मीरा भायंदर से सामने आया है। इसके अलावा राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित 17 रोगियों की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 66,53,345 हो गई है। मृतकों की कुल तादाद 1,41,392 तक पहुंच गई है।

महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार आज से नई पाबंदियां लगा सकती है। शाम से पहले इसकी गाइडलाइन जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। दरअसल, सरकार क्रिसमस और नए साल पर जुटने वाली भीड़ को लेकर चिंतित है। इसको देखते हुए नाइट कर्फ्यू, सीमित संख्या में पार्टीज और वर्कप्लेस पर भीड़ न जुटाने के आदेश दिए जा सकते हैं।

कोविड टास्क फोर्स की गुरुवार देर रात तक चली बैठक में इस पर कई फैसले हुए हैं। CM उद्धव ठाकरे इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि ओमिक्रॉन वेरियंट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी गंभीर हैं और पूरे देश में रात में लॉकडाउन लगाने का विचार राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है।
गुरुवार को एक दिन में ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 23 मामले सामने आए। राज्य में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या अब 88 हो गई है। बुधवार को ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया था।राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 7,897 है। बीते 24 घंटे में 615 लोग ठीक हुए। दिनभर में लगभग 1,10,997 सैंपलों की कोविड-19 जांच की गई।
क्रिसमस और नए साल के जश्न से पहले, पिंपरी चिंचवाड़ के नगर आयुक्त ने एक नए आदेश में कहा कि कोई भी व्यक्ति COVID पर राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके तहत कम से कम 6 महीने की जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।

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