मोदी-योगी ने तय किया विकास का एजेंडा,

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विकास परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह व महारैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जबरदस्त जुगलबंदी देखने को मिल रही है। दोनों नेताओं ने एक दूसरे की शान में कसीदे पढ़े, फिर आगामी विधानसभा चुनाव का एजेंडा भी तय कर दिया। साफ संदेश दिया कि भाजपा विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेगी। इसके केंद्र में किसान, युवा, महिला, गरीब, वंचित, शोषित और अति पिछड़ा रहेंगे। चुनाव की अगुवाई भी मोदी-योगी की जोड़ी ही करेगी। खाद कारखाना, एम्स व आरएमआरसी की नौ प्रयोगशालाओं के लोकार्पण के साथ ही महारैली कराके भाजपा ने जातीय-सामाजिक समीकरण भी दुरुस्त कर लिया है। गोरखपुर-बस्ती मंडल की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाताओं की संख्या अच्छी है। गोरखपुर के नौ विधानसभा क्षेत्रों में ही पांच लाख से ज्यादा निषाद मतदाता हैं। इसी का नतीजा रहा कि मंच से निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद को बोलने का मौका दिया गया। संतकबीरनगर से भाजपा सांसद प्रवीण निषाद, योगी सरकार के मंत्री जयप्रकाश निषाद और राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद ने भी महारैली को संबोधित किया। इन नेताओं की निषाद मतदाताओं में अच्छी पैठ है। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की भी अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं में अच्छी पैठ मानी जाती है। वे भी मंच पर पहली कतार में थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के नेता भी आए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अनुप्रिया का नाम भी लिया और बहन कहकर संबोधित किया। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद भी मंच पर विराजमान थे। डॉ संजय ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की है। साथ ही निषाद मतदाताओं को आश्वस्त किया कि उनके हक की लड़ाई जारी रहेगी। आरक्षण का वादा भाजपा सरकार जरूर पूरा करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महारैली में आई भीड़ देख गदगद हो गए। मंच पर पहुंचते ही भीड़ का अभिवादन किया, फिर भोजपुरी में संवाद करके खुद को पूर्वांचल की जनता से जोड़ लिया। भोजपुरी में संवाद हुआ तो रैली में आई भीड़ उत्साहित दिखी। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मंच पर आया तो हैरान रह गया। देखा तो दूर-दूर तक भीड़ है। पीछे के लोग दिख भी नहीं रहे हैं। भाजपा के झंडे हिला रहे हैं। मेरी आवाज पहुंच रही है या नहीं, इस पर भी संशय है। आपका यही प्यार और आशीर्वाद आपके लिए दिन रात काम करने की प्रेरणा देता है। गोरखपुर को धर्म, अध्यात्म व क्रांति की नगरी बताकर लोगों का दिन जीतने का प्रयास भी किया है।

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