दक्षिण अफ्रीका की नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ाई ,कोरोना का Omicron वैरिएंट कितना खतरनाक?

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कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर दक्षिण अफ्रीका की एक नई रिपोर्ट सामने आई है. दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर के आखिरी हफ्ते में इस वायरस को लेकर को आगाह करना शुरू किया था. इस नए वैरिएंट को लेकर पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। अब तक दक्षिण अफ्रीका के 9 प्रांत में से पांच प्रांत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आ चुके हैं. हालांकि, वायरस के इस वैरिएंट के पूरे दक्षिण अफ्रीका में मौजूद रहने की संभावना है.
ओमिक्रॉन के क्या है लक्षण जाने !
वैज्ञानिकों की मानें तो इस वैरिएंट में माइल्ड लक्षण ही रहते हैं। उनमें सिरदर्द, बदन दर्द और थकावट के लक्षण होते हैं। जोकि करीब 50 हैं। इनमें 30 म्यूटेशन स्पाइक प्रोटीन मिले हैं। आम भाषा में कहे तो स्पाइक प्रोटीन के जरिए वायरस सेल के माध्यम से वायरस शरीर में जाता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी निकलकर सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों की ओर से सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। वैज्ञानिकों ने जो अब तक की जांच की है, उसके अनुसार कोरोना के इस वैरिएंट में सबसे ज्यादा म्यूटेशन हुए हैं।
अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ. एंथनी फाउसी ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से सचेत रहने की चेतावनी दी है। कैलिफोर्निया में ओमिक्रॉन का पहला केस मिला था। फाउसी ने इसके म्‍यूटेशन पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन, डेल्‍टा वैरिएंट समेत अन्‍य वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
यूरोपियन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमिक्रॉन साउथ अफ्रीका में बहुत तेजी से फैल रहा है और जल्द ही यूरोप भी इसकी चपेट में आ जाएगा। इसके बाद दुनिया की हर पॉपुलेटेड जगह पर इसके केस मिलेंगे, क्योंकि संक्रमण की रफ्तार के मामले में ये डेल्टा से ज्यादा घातक है। अभी तक ये 25 देशों और 5 महाद्वीपों तक पहुंच चुका है। 2 साल महामारी से लड़ने वाले देश, जो रिकवरी की उम्मीद लगाए हुए हैं, वे नई लहर की चपेट में आ सकते हैं। दक्षिण अफ्रीकी रिसर्चर्स और साइंटिस्ट ने बताया नवंबर में कोरोना के केसों में अचानक तेजी आई। केसों की रफ्तार बीटा और डेल्टा वैरिएंट के फैलने से भी ज्यादा थी। ज्यादातर केस ऐसे थे, जो पहले से ही कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके थे। इन केसों में तीन चौथाई में नया वैरिएंट मिला। यानी ये कोरोना संक्रमण से उपजी इम्यूनिटी को भी मात दे सकता है।
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा है कि ये वैरिएंट भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। ये इतना खतरनाक है कि डबल डोज लगवाकर इम्यूनिटी डेवलप कर चुके व्यक्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है। नए वैरिएंट में 30 से ज्यादा स्पाइक्स का म्यूटेशन पाया गया है, जो लंग्स को बहुत तेजी से डैमेज कर सकता है।

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