किसानों की घर वापसी पर बोले राकेश टिकैत, किया ये दावा

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राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार और हमारे बीच प्रधानमंत्री कड़ी बने हैं और उन्होंने पहल की है. देश के प्रधानमंत्री का भी सम्मान रहेगा और किसानों की पगड़ी का भी सम्मान रहेगा. सरकार के साथ हमारी लड़ाई विचारधारा की है, इसे लाठी और डंडे से नहीं लड़ा जा सकता.
केंद्र सरकार ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही कृषि कानूनों को वापस ले लिया. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या अब किसान अंदोलन खत्म हो जाएगा. सोमवार को को कुछ किसान संगठनों ने इसके संकेत भी दिए थे. लेकिन अब किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर साफ कर दिया है, आंदोलन इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाला है वहीं, घर वापसी वाले सवाल पर राकेश टिकैत ने किसान नेताओं से साफ कर दिया है कि जो पहले घर जाएगा, वह पहले जेल भी जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा, मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा. संयुक्त मोर्चा के नेताओं के चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा, क्या चुनाव के पर्जे भर दिए गए हैं? जब चुनाव होगा। तो कौन रोक सकता है, जिसे चुनाव लड़ना है उसे, जैसे वोट देने का अधिकार है, चुनाव भी लड़ने का अधिकार है. जिसे चुनाव लड़ना है उसे कोई रोक लेगा क्या? और जब कोई संयुक्त मोर्चा का नेता चुनाव लड़ेगा, तो उसे जवाब देना होगा. अभी चुनाव का कोई मुद्दा नहीं है.
टिकैत ने कहा, आने वाली समय में सरकार से बातचीत होने की उम्मीद है. अभी कानून वापसी का जश्न मनाने की कोई जरूरत नहीं है. सब कोई टारगेट पर है जो यहां से जल्दी जाएगा. वह उतना ही जल्दी जेल जाएगा तो ज्यादा खुशी मनानी की जरूरत नहीं है. सयुक्त मोर्चा को इकट्ठा रहने की जरुरत है. 
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार को हमारे लोगों को रिहा करना चाहिए और वार्ता के लिए मंच तैयार करना चाहिए. हमें उम्मीद है कि बीच का कोई रास्ता निकलेगा. हम किसी को तिरंगे का अपमान नहीं करने देंगे, इसे हमेशा ऊंचा रखेंगे. 26 जनवरी को हुई हिंसा षड्यंत्र का परिणाम थी, इसकी समग्र जांच होनी चाहिए. हम नहीं चाहते कि सरकार या संसद हमारे आगे झुके, लेकिन वह किसानों के आत्म-सम्मान की भी रक्षा करे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो कहा, हम उसका सम्मान करते हैं, उनकी गरिमा की रक्षा की जाएगी.

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