लखनऊ क्राइम ब्रांच के 8 पुलिसकर्मियों पर कानपुर में 40 लाख की डकैती का केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला,,

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानपुर में डकैती का मामला सामने आया है। डकैती के एक मामले में कोर्ट के आदेश पर 8 पुलिसवालों के खिलाफ कानपुर के काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने इसकी पुष्टि की पर मामले की पूरी जानकारी देने से इनकार कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जुए के एक केस में कानपुर में कुछ समय पहले छापेमारी की थी। दावा किया जा रहा है छापेमारी में एक आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे, लेकिन उनका नाम रिपोर्ट में नहीं है। एफआईआर की तारीख 9 नवंबर बताई जा रही है। यह मामला 10 महीने पहले का बताया जा रहा है, जब जनवरी में पुलिसकर्मियों ने एमबीए के एक स्टूडेंट, उसके मामा और दोस्तों को उठाकर टॉर्चर किया। इतना ही नहीं घर पर डाका डालकर नकदी और जेवरात भी लूट लिए और सभी को जेल से छोड़ने के एवज में 40 लाख रुपये की वसूली भी की।
शास्त्रीनगर निवासी मयंक सिंह की तहरीर पर केस दर्ज हुआ है, जिसमें ऑडियो कॉल भी साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए हैं। आरोपी पुलिसकर्मी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी पूर्वी लखनऊ की क्राइम ब्रांच में तैनात बताए जा रहे हैं। इनकी पहचान रामनिवास शुक्ला, आनंद मणि सिंह, अमित लखेड़ा, रिंकू सिंह, नरेंद्र बहादुर, संदीप शर्मा, रजनीश वर्मा और देवकीनंदन के तौर पर की गई है।
जनवरी में लखनऊ ईस्ट के DCP रहे संजीव सुमन की टीम ने गोमती नगर से ऑनलाइन सट्टा खिलाने के आरोप में कानपुर के मयंक सिंह, दुर्गेश सिंह, आकाश गोयल और शमशाद अहमद को गिरफ्तार किया था. तब पुलिस ने आरोप लगाया था कि ये लोग क्रिकेट मैच में लखनऊ से लेकर कानपुर तक सट्टा खिलाते हैं. इनका बड़ा नेटवर्क है.
जेल से छूटने के बाद मयंक सिंह ने तत्कालीन DCP संजीव सुमन की क्राइम टीम पर डकैती का मुकदमा दर्ज कराया है. कोर्ट के आदेश पर कानपुर के काकादेव थाने में क्राइम टीम के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा, देवकीनंदन, संदीप शर्मा, नरेंद्र बहादुर सिंह, रामनिवास शुक्ला, आनंद मणि सिंह, अमित लखेरा और रिंकू सिंह पर डकैती का केस दर्ज हुआ है.

मयंक सिंह ने आरोप लगाया गया है कि 24 जनवरी 2021 की शाम 3:30 बजे जब मयंक सिंह अपने दोस्त आकाश गोयल के साथ काकादेव इलाके में स्कूटी पर जा रहे थे, तभी दो गाड़ियों से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके टीम उन्हें लखनऊ कैंट थाने ले आई.

मयंक और आकाश को कैंट थाने में रखने के बाद पुलिस ने मयंक के मामा दुर्गा सिंह और एक कोचिंग संचालक शमशाद अहमद को लखनऊ के हजरतगंज इलाके से हिरासत में ले लिया. आरोप है कि पुलिस टीम ने दुर्गा सिंह के बड़े भाई विक्रम सिंह से एक करोड़ रुपए मांगे, 40 लाख पर बात बन गई. पुलिस टीम ने कानपुर जाकर यह रकम विक्रम सिंह से ले ली.

मयंक सिंह का कहना है कि 40 लाख रुपए लेने के बाद भी पुलिस टीम ने लखनऊ आकर गोमती नगर विस्तार थाने में एक मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया. उनका ये भी कहना है कि क्राइम टीम ने कानपुर में 40 लाख रुपए लेने के बाद, उसी दिन दुर्गा सिंह के घर जाकर तलाशी ली. और घर में रखे 30 हजार रुपए और करीब डेढ़ लाख के जेवरात लूट लिए.

इस मामले पर लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया गया है. विवेचना में साफ होगा कि पुलिसकर्मी दोषी हैं या नहीं. जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी.

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