विद्यालय के प्रभारी ने पत्रकारों पर लगाये बेबुनियाद आरोप, एसोसिएशन ने किया प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

गाज़ीपुर।कंपोजिट विद्यालय इंदौर के प्रभारी द्वारा खबर कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ अभद्रता व वसूली का बेबुनियाद और फर्जी आरोप लगाने का मामला प्रकाश में आया है। मामला शनिवार 13 नवम्बर का है जब गाजीपुर जिले के शिक्षा क्षेत्र मरदह अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय इंदौर में जिले के सूचना विभाग में रजिस्टर्ड पत्रकार कवरेज करने के उद्देश्य से पहुचे।इस दौरान विद्यालय के प्रभारी अजय तिवारी विद्यालय पर पहुँचे पत्रकारों को देख भड़क गए और अचानक पैसा मांगने का बेबुनियाद आरोप लगाने लगे।नियुक्त प्रधानाध्यापक अजय तिवारी सुबह विद्यालय में पत्रकारों को अचानक देख भौचक्के हो गए,सुबह के 10 बज रहा था और विद्यालय के बच्चे विद्यालय के बाहर घूम रहे थे जब इस पर मौजूद पत्रकारों ने सवाल किया तो प्रधानाध्यापक महोदय उल्टे पत्रकारों पर ही भड़क उठे और चिल्लाने लगे।प्रधानाध्यापक महोदय की ऐसी हरकत देख अगल बगल के ग्रामीण भी इक्कठे हो गए।प्रधानाध्यापक महोदय अपनी भड़ास निकालने के लिए पत्रकारों पर उल्टे धन उगाही का आरोप लगाने लगे।इस बीच पूरे वाकये का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।घटना के दौरान इंदौर के ग्राम प्रधान राम भवन भी मौजूद रहे।
जिले में इंदौर का कंपोजिट विद्यालय कोई इकलौता विद्यालय नही है जहाँ लाख लाख रुपये की सैलरी ले रहे शिक्षकों द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।जिले के तमाम सरकारी विद्यालय है जहाँ न समय से स्कूल खुलता है न सही ढंग से पढ़ाई ही होती है।विद्यालयों के कायाकल्प के लिए आये धन में भी बंदरबाट होने की शिकायते लगातार मिल रही है।प्राथमिक विद्यालयों की यही दशा देख अभिवावक अपने बच्चो को महंगे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला कराने को विवश है।इंदौर के कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी द्वारा पत्रकारों के साथ की गई अशिष्टता की इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन घोर भर्तसना करता है।एसोसिएशन ने तत्काल बैठक कर ऐसे लोगो के खिलाफ विभागीय अधिकारियों से कार्रवाई की मांग किया है,कार्रवाई नही होने की दशा में जिले के पत्रकार धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगे, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।

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