मृतक का नाम एफआईआर में होने से पुलिस की हो रही किरकिरी।

गाज़ीपुर:मरदह पुलिस का एक हास्यप्रद वाकया सामने आया है।जिसको लेकर पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लग रहे है और पुलिस की किरकिरी भी हो रही है।यह वाक्या मंगलवार को तब सामने आया जब सुभसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मरदह कस्बे में पहुचें थे और गांव के लोगों ने थानाध्यक्ष मरदह राजकुमार यादव के सामने ही मृतक का नाम एफआईआर में होने की बात कहि।
पिछले दिनों हुए मरदह थाने पर पथराव के मामले में पुलिस ने मृतक दंपति झींगुर राजभर और पत्नी लालमुनि के खिलाफ भी अभियोग पंजीकृत किया है।जबकि गांव के लोगों का कहना है कि दोनों बहुत पहले ही स्वर्ग -सिधार गए है।वहीं उसी गांव के एक पोर्टल के पत्रकार आनंद कुमार का भी नाम एफआईआर में है जबकि आनंद घटना वाले दिन अपने घर पर था।
एफआईआर में झींगुर का नाम 71,लालमुनि का नाम 73 और पत्रकार आनन्द का नाम 85 नम्बर पर है।
पूरे दिन क्षेत्र में इस बात की चर्चा होती रही।
पुलिस की पिटाई से युवक की मौत की अफवाह पर शनिवार को हुए पथराव के बाद उसी दिन पुलिस ने 87 नामजद और करीब 60 अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर धर-पकड़ शुरू कर दी। वहीं अभी वीडियो, फोटो व आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार आरोपितों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में लोग यह सोच-सोच कर परेशान हैं कि पुलिस को झिगूर और लालमुनि और पत्रकार आंनद का नाम किसने बता दिया और पुलिस ने भी बिना जांच-पड़ताल के मृत दंपती के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी। हालांकि घटना के अगले दिन थानाध्यक्ष विरेंद्र कुमार का तबादला विवेचना सेल में हो गया और थाने की कमान निरीक्षक राजकुमार यादव को मिली है।थानाध्यक्ष राजकुमार यादव ने बताया कि
मामले की बिबेचना की जा रही है जांच के बाद भी मामले की सत्यता सामने आएगी।

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