कोई भी खादी वस्त्र शरीर के लिए लाभदायक होता है। यह वातानुकूलित भी होता है यानी गर्मी में ठंडा और ठंडा में गर्मी। इस क्षेत्र में स्वरोजगार और विभिन्न प्रकार के रोजगार के भी काफी अवसर हैं। इस केंद्र सरकार खादी विकास योजना लेकर आई है। इसके तहत सरकार खुद का खादी व्यापार शुरू करने वालों को ₹1,20,000 तक की वित्तीय मदद, सब्सिडी और किफायती ब्याज दर (मात्र 4 प्रतिशत सालाना) पर लोन जैसी सहायता देती है।वहीं, सरकार कपास/मलमल, ऊन और पॉली वस्त्र के लिए मूल लागत पर 35 प्रतिशत सब्सिडी, रेशमी खादी के लिए 20 प्रतिशत सब्सिडी और व्यक्तिगत वर्कशेड के लिए ₹1,20,000 तक सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में सवाल है कि यह सब्सिडी कैसे मिलेगी? तो यह जान लीजिए कि इच्छुक लाभार्थी को योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ के तौर पर अपना आधार कार्ड, बैंक डिटेल, फोटो आदि जमा करने होंगे। इसप्रकार से दस्तावेज़ों का सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलने पर ₹1,20,000 तक की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल है कि सब्सिडी की संरचना आखिर और कैसे क्या है? तो जवाब होगा कि कपास/मलमल, ऊन और पॉली वस्त्र में 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जबकि रेशमी खादी में 20 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है। वहीं, वर्कशेड बनवाने के लिए ₹1,20,000 या लागत का 75% (पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 90%) तक की सब्सिडी मिलती है। वहीं, एक और खास बात यह है कि इंटरेस्ट सब्सिडी एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट स्कीम (आईसीईसी) के तहत सिर्फ 4 प्रतिशत ब्याज पर लोन मिलता है, और अतिरिक्त ब्याज सरकार देती है।

जहां तक इस योजना के तहत पात्रता का सवाल है तो ग्रामीण उद्यमी, महिला स्व-सहायता समूह, युवा कारीगर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही यह भी जान लीजिए कि रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज़ कार्यवाही और बैंक खाते की आवश्यकता होगी। इसलिए तय प्रक्रिया के तहत आवेदन स्वीकार होने के बाद ही राशि मिलेगी। इस योजना के तहत सरकारी सब्सिडी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व दस्तावेज़ सत्यापन सबसे जरूरी है, जिससे आपको ₹1,20,000 तक की सीधी सहायता बैंक खाते में मिल सकती है।

खादी विकास योजना के लिए आवेदन करने हेतु पात्रता और जरूरी दस्तावेज निम्नलिखित हैं:- आवेदन की पात्रता के तहत आवेदक को भारतीय नागरिक होना चाहिए। साथ ही वयस्क (आमतौर पर 18 वर्ष या उससे अधिक) होना भी जरूरी है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के उद्यमी, महिला स्व-सहायता समूह और युवा कारीगर भी आवेदन कर सकते हैं। खादी या ग्रामोद्योग व्यापार शुरू करने की इच्छाशक्ति और योजना के तहत चयनित श्रेणी में आना आवश्यक है, जैसे:- खुदरा/सूक्ष्म उद्योग। इसके अलावा, बैंक खाता होना आवश्यक है, ताकि सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा सके।

जहां तक इसके लिए जरूरी दस्तावेज का सवाल है तो बता दें कि आधार कार्ड (पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर), पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र (स्थायी पते के लिए), बैंक पासबुक या बैंक खाते की डिटेल (डीबीटी और आधार से लिंक्ड), जाति प्रमाण पत्र (यदि आरक्षित वर्ग से हैं)। आय प्रमाण पत्र (सरकारी सब्सिडी के लिए आवश्यक), शिक्षा/तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र (अगर योजना की श्रेणी में मांगा जाए), मोबाइल नंबर (ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए) आदि की जरूरत पड़ेगी। वहीं, अन्य प्रमाण पत्र में महिला/स्व-सहायता समूह होने का प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)। सभी दस्तावेज़ स्कैन या फोटो के रूप में अपलोड करने जरूरी होते हैं, और सत्यापन के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि खादी विकास योजना की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे आवेदनकर्ता को कोई अतिरिक्त परेशानी नहीं होती। जहां तक सब्सिडी पाने की प्रक्रिया और बैंक खाता का सवाल है तो आवेदन के समय आवेदक को अपना बैंक खाता विवरण जमा करना पड़ता है, जिसमें खाता नंबर, आईएफएससी कोड और बैंक का नाम दिया जाता है। वहीं, बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है। जिससे सब्सिडी राशि की सीधी ट्रांसफर सुनिश्चित होती है। सफल सत्यापन एवं स्वीकृति के बाद, सब्सिडी राशि सीधे उसी बैंक खाते में आती है, जो आपने आवेदन में दिया था और जो एनपीसीआई बैंक मैपर में आधार से जुड़ा है।

इस योजना की कुछ जरूरी बातें भी आपको जानना चाहिए। पहला, केवल पात्र लाभार्थियों को ही सब्सिडी मिलती है। दूसरा, बैंक खाता सक्रिय तथा आधार से सीधा लिंक्ड हो, ताकि डीबीटी में दिक्कत न हो। तीसरा, बैंक पासबुक व स्टेटमेंट से सब्सिडी राशि की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है। इस तरह, खादी विकास योजना में सब्सिडी आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर होती है, जो आवेदन के समय दर्ज कराया गया था, और बैंक व दस्तावेज सत्यापन के बाद स्वतः भेज दी जाती है।

खादी विकास योजना में आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और चरण निम्नलिखित हैं:- आवेदन की आधिकारिक वेबसाइट: केंद्रीय खादी और ग्रामोद्योग आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है: https://serviceonline.bihar.gov.in या संबंधित राज्य के खादी ग्रामोद्योग विभाग की वेबसाइट।

आवेदन के मुख्य चरण इस प्रकार से है:- 

(i) रजिस्ट्रेशन: वेबसाइट पर नया उपयोगकर्ता पंजीकरण करें (ईमेल/मोबाइल के माध्यम से OTP वेरिफिकेशन)।

(ii) आवेदन फॉर्म भरना: लॉगइन करके खादी विकास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।

(iii) दस्तावेज अपलोड करना: आधार, फोटो, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी दस्तावेज स्कैन कर PDF/JPEG में अपलोड करें। 

(iv) आवेदन जमा करना: सभी जानकारी सही भरें और दस्तावेज अपलोड कर सेट फाइनल सबमिट करें। आपको आवेदन की पावती/रसीद मिलेगी। 

(v) सत्यापन और स्वीकृति: विभाग आपके आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन करता है। योग्य पाते ही आपको संबंधित लाभ की स्वीकृति और आगे की कार्रवाई की सूचना मिलती है। 

(vi) फंड ट्रांसफर: सब्सिडी और अन्य सहायता राशि आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के जरिये ट्रांसफर हो जाती है।

इस प्रकार से यह स्पष्ट है कि उपर्युक्त चरण पूरे करने के बाद खादी विकास योजना के लिए आवेदन सफलतापूर्वक माना जाता है

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