उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा आयोजित निवेशक समिति में सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की प्रभावशाली सहभागिता

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा निवेशक समिति का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय आबकारी मंत्री श्री नितिन अग्रवाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आबकारी आयुक्त ने की। इस अवसर पर भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, अन्य आबकारी अधिकारियों, राज्यभर के निवेशकों तथा उत्तर प्रदेश की प्रमुख आसवनी इकाइयों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इस कार्यक्रम में सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एसआईएल) की ओर से प्रबंध निदेशक श्री मनीष अग्रवाल, निदेशक श्री अमित महर्षि एवं ग्रुप के सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान एसआईएल के निदेशक श्री मनीष अग्रवाल ने माननीय आबकारी मंत्री से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें बधाई दी और प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बहुआयामी विकास हो रहा है, जिसके कारण आज निवेशक निःसंकोच प्रदेश में निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा बरेली में आबकारी विभाग के साथ ₹74 करोड़ का एमओयू हाल ही में हस्ताक्षरित किया गया है, जिसे धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य तेजी से प्रगति पर है। श्री अग्रवाल ने यह भी उल्लेख किया कि ग्रुप के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के मार्गदर्शन में एसआईएल तकनीकी नवाचार एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर है।

इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि सुपीरियर ग्रुप केवल व्यवसाय ही नहीं, अपितु समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को भी समान रूप से निभा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण अभियान में सहभागी बनते हुए ग्रुप द्वारा चार हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य की दिशा में सार्थक योगदान सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम में सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहभागिता को निवेशकों और प्रशासन द्वारा सराहना मिली, और यह प्रदेश में औद्योगिक विकास की एक सशक्त मिसाल के रूप में उभरता हुआ उदाहरण बना।

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