इन 5 सालो में जमानिया की जनता के उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाई विधायक सुनीता सिंह।

सुनील सिंह

गाजीपुर:भारतीय जनता पार्टी ने जमानिया से विधायक सुनीता सिंह पर एक बार फिर से भरोसा जताया है,शुक्रवार को जमानिया विधानसभा क्षेत्र से सुनीता सिंह को टिकट मिलते ही उनके समर्थको में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। जिले की सबसे हॉट सीटों में शुमार होने वाली जमानिया सीट पर अब सपा से ओमप्रकाश सिंह और बीजेपी से सुनीता सिंह के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिल सकती है। मालूम हो की २०१७ विधानसभा चुनाव में सुनीता सिंह ने सपा प्रत्याशी ओमप्रकाश सिंह को भारी मतों से शिकस्त दी थी, जहाँ सुनीता सिंह को 76823 वोट मिले थे तो वही ओमप्रकाश सिंह 49557 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे, दूसरे स्थान पर बसपा के अतुल राय थे जिनको कुल 67559 वोट मिले थे।
बात अगर जमानिया विधानसभा क्षेत्र की करे तो ग्रामीण इलाको वाली इस सीट को धान का कटोरा भी कहा जाता है क्यों की यहाँ धान की खेती किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर की जाती है, इसी में एशिया का सबसे बड़ा गांव गहमर भी स्तिथ है जहा हर घर मे एक फौजी मिल जायेंगे।माँ कामाख्या धाम गहमर में ही स्तिथ है।
मुस्लिम बाहुल्य वाले जमानिया विधानसभा क्षेत्र में कुशवाहा, यादव, और दलित मतदाता 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक वोटर साबित हो सकते है।
अगर 5 सालो में विधायक सुनीता सिंह द्वारा किये गए कार्यो की बात करे तो सबसे बड़ी उपलब्धि सड़क निर्माण है गंगा उसपार की ज्यादातर सड़के खस्ताहाल थी विधायक ने सड़को का निर्माण कर लोगो के लिए एक बड़ी सौगात दे दी थी।अभी हाल ही में बीजेपी विधायक ने बारा में पर 1 करोङ 9 लाख रुपये की लागत से बने पीपा पुल का लोकार्पण किया था पीपा पुल बन जाने से गंगा पार खेती करने वाले किसानों के लिए काफी सहूलियत हो गयी है।क्यो की किसान लगातार 30 सालो से गंगा पार नाव से किया करते थे।
वही बात समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी बनाये गए ओमप्रकाश सिंह की करे तो ओमप्रकाश सिंह की गिनती प्रदेश के कद्दावर नेताओ में होती रही है,2017 में मिले घाव को इस बार के चुनाव में ओमप्रकाश सिंह जरूर भरना चाहेगे। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हाल के समय मे आरोप प्रत्यारोप भी खूब लगते रहे है।कुछ मामलों में तो ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमें दोनों नेताओं की खूब किरकिरी हुई।खैर राजनीति के शह मात के खेल में इस बार देखना होगा कि बाजी कौन मारता है।

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