बेवजह बाहर निकलना बंद करना होगा। ओमिक्रॉन की दहशत से ब्रिटेन कांप रहा है

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ओमिक्रॉन की दहशत से ब्रिटेन कांप रहा है, फ्रांस डरा हुआ है, नीदरलैंड्स ने सख्त लॉकडाउन लगा दिया है। जर्मनी ने ब्रिटेन से आने वालों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। इधर भारत भी नए हालात से निपटने की तैयारी में जुटा है।

डॉ. सरीन कहते हैं कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से कम से कम 5-7 गुना स्पीड से दुनिया में फैल रहा है। भारत में भी कई जगह ये मिल चुका है। ऐसे में आशंका है कि जनवरी अंत तक हमारे देश में भी ओमिक्रॉन के मामले काफी ज्यादा हो जाएंगे।

दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वैरिएंट को समझने और रोकने की कोशिशों में जुटे हैं। अभी तक जो पता है उससे ये साफ है कि ओमिक्रॉन डेल्टा से कई गुना तेजी से फैल रहा है। हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि ये वायरस कम जानलेवा है।
कोरोने वायरस का नया म्यूटेशन ओमिक्रॉन सबसे पहले 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में मिला था। अब तक ये करीब 100 देशों तक पहुंच चुका है और WHO को डर है कि ये दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में मौजूद है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के एक दिन में 10000 से अधिक मामले सामने आए हैं जोकि अब तक इस वैरिएंट के दैनिक मामलों की सर्वाधिक संख्या है। ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 90,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। ब्रिटिश स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने शनिवार को ओमिक्रॉन वैरिएंट के 10,059 नए मामलों की पुष्टि की है जोकि शुक्रवार को इस वैरिएंट के सामने आए 3,201 मामलों से तीन गुना से अधिक संख्या है। इसके साथ ही ब्रिटेन में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 24,968 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

ओमिक्रॉन के मामलों की बढ़ती संख्या के चलते सरकार द्वारा सख्त लॉकडाउन नियमों को लागू करने की योजना संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा, ‘हमने पूर्व में देखा है कि सरकार ने किस तरह महामारी का मुकाबला किया है। हम जो भी जरूरी होगा, वो करेंगे। हालांकि, सरकार कोई भी कदम आंकड़ों पर आधारित होगा। हम आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इस पर वैज्ञानिकों के साथ चर्चा कर रहे हैं।’
केंद्र सरकार ने 38 सरकारी लैबों का नेटवर्क बनाया है, जहां वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाती है। दिल्ली में जीनोम सिक्वेंसिंग लैब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज में की जा रही है।
डॉ. शिवकुमार सरीन कहते हैं, ‘हमारे पास दूसरी लहर का अनुभव है। ट्रेंड डॉक्टर और स्टाफ है। हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर हुआ है, लेकिन ओमिक्रॉन के खिलाफ लड़ाई में कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि लोग कितने तैयार हैं। मास्क ही हमें वायरस से बचाएगा। वैक्सीन ही हमें वायरस से सुरक्षा देगी। वायरस से बचने के लिए लोगों को सेल्फ लॉकडाउन लगाना होगा।

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