5G रोलआउट देश की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए – मुकेश अंबानी

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बार्सिलोना में आयोजित होने वाले मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस की तर्ज पर भारत में पिछले चार साल से इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) का आयोजन हो रहा है। भारत में IMC का आयोजन हर साल दूरसंचार विभाग और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) की ओर से किया जाता है। IMC की शुरुआत 2017 में हुई थी। IMC 2021 का आयोजन इस बार 8-10 दिसंबर के बीच किया जा रहा है। आज IMC 2021 का पहला दिन है। आज पहले दिन स्पीकर्स के तौर पर संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव, माननीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, भारती एयरटेल के चेयरमैन, सुनिल भारती मित्तल, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम जैसी शख्सियत मौजूद रहेंगी। पूरे कार्यक्रम को आप IMC के यूट्यूब के चैनल पर लाइव देख सकते हैं।
इवेंट के पहले दिन आज डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर नई पॉलिसी पर बात होगी। कनेक्टिविटी की सिक्योरिटी जैसे मसलों पर बात होगी। नोकिया की ओर से कई प्रोडक्ट लॉन्च किए जाएंग। प्रोडक्ट का डेमो भी दिखाया जाएगा। इसके अलावा नेटवर्क ऑटोमेशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात होगी। शाम को 4 बजे टेलीकॉम विभाग का कॉन्फ्रेंस होगा।  उसके बाद 5G के इस्तेमाल को लेकर चर्चा होगी जिसमें देश में 5जी नेटवर्क के डेवलपमेंट और विभिन्न इस्तेमाल पर चर्चा होगी। आज भारत में ड्रोन के भविष्य और इस्तेमाल को लेकर भी बात होगी।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2021 (IMC 2021) में रिलायंस जियो के मालिक मुकेश अंबानी ने 5जी रोलआउट को देश की पहली प्राथमिकता बताया है। 5जी के बारे में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि “हमने 100% देशी और व्यापक 5G साल्युशन विकसित किया है जो पूरी तरह से क्लाउड नेटिव, डिजिटल मैनेज्ड और भारतीय है। हमारी तकनीक की वजह से जियो नेटवर्क को 4G से 5G में जल्द से जल्द अपग्रेड किया जा सकता है।“
मुकेश अंबानी ने कहा कि सरकारी ‘यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड’ का इस्तेमाल देश में मोबाइल सब्सिडी के लिए भी होना चाहिए। मुकेश अंबानी का मानना है कि अगर देश के हाशिए पर रहने वाले लोगों को देश की डिजिटल ग्रोथ का हिस्सा बनना है तो उसे किफायती कीमतों पर सर्विस और डिवाइस मुहैया कराए जाने चाहिएं। मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को 2जी से 4जी और फिर 5जी में माइग्रेशन जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। लाखों भारतीयों को सामाजिक-आर्थिक पिरामिड में सबसे नीचे 2जी तक सीमित रखना उन्हें डिजिटल क्रांति के लाभों से वंचित करना है। क्योंकि कोविड में हमने देखा जब सबकुछ बंद था तब इंटरनेट और मोबाइल ने ही हमें जीवित रखा। तकनीक हमारे जीवन और रोजगार के लिए सहारा बनी।

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