रेप पीड़िता के पिता ने दी आत्मदाह की धमकी,मामला पहुँचा राज्यपाल दरवार।

गाज़ीपुर।मरदह रेप पीड़िता के मामले में बीएसए ग़ाज़ीपुर हेमंत राव द्वारा पक्षपात किया जा रहा है कारण घटना के दो सप्ताह बाद भी जांच में पक्षपात कर बीइओ को बचाया जा रहा है यदि विद्यालय के प्रधानाध्यापिका को निलंबित किया गया तो आखिर खण्डशिक्षा अधिकारी के ऊपर क्यों नही कार्यवाही हुई?मामला अब राज्यपाल के दरबार में पहुंच गया है।
मरदह बीआरसी परिसर स्थित कंपोजिट विद्यालय के कमरे में कक्षा 7 की छात्रा के साथ 8 अक्टूबर को मरदह बीईओ कल्पना के चालक द्वारा किये गए दुष्कर्म की घटना नई तूल पकड़ती जा रही है।छात्रा के पिता ने संजय ने मामले में बीईओ कल्पना के खिलाफ विभागीय कार्रवाई न होने से आत्मदाह की चेतावनी दे डाली है।मंगलवार को मरदह मारपीट की घटना में घायलों का हाल चाल लेने आये सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जहूराबाद के वर्तमान विधायक ओमप्रकाश राजभर को पीड़िता के पिता ने मामले से अवगत कराया और जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक भी उनको सौंपा।
कहा मामले में बीईओ द्वारा चालक को पूरी तरह से सह दिया जाता रहा था, क्षेत्र के विद्यालयों में निरीक्षण एंव अन्य कार्यक्रमो में फोटो वीडियो बनाने का एक बाहरी व्यक्ति को कैसे अधिकार मिल गया।शिकायती पत्र में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि बीईओ कल्पना द्वारा विभिन्न लोगो द्वारा पीड़ित छात्रा के अभिवावकों को लोभ,लालच एंव भय दिखाकर मामले को दबाने एंव पक्ष में बयान देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।जिससे पीड़ित परिवार बेहद ही पीड़ा से गुजर रहा है।
साथ ही पीड़िता के पिता ने शासन से बीईओ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सहित पीड़ित छात्रा को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है,साथ ही चेतावनी दी है कि मामले में बीईओ कल्पना के खिलाफ कार्रवाई नही हुई तो वह जिलाधिकारी गाज़ीपुर के कार्यालय पहुच आत्मदाह कर लेगा।लेकिन विभागीय अधिकारी इसके बाद भी बीइओ का बचाव कर रहे है।
उधर पीड़िता के शिकायती पत्र को सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने विभागीय कार्यवाही न होने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर बीईओ कल्पना को बर्खास्त करने की मांग की है।अब देखने की बात है कि क्या राज्यपाल महोदया से रेप पीड़िता के परिवार को न्याय मिल पायेगा?।
इस संबंध में बीएसए हेमन्त राव कार्यवाही के मूड में नही है बताया कि बीइओ की जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है विभागीय कार्यो के प्रेसर की वजह से कार्यवाही करने में देरी हो रही है।

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