मनीष गुप्ता हत्याकांड ¡नगसर और भटौला गांव पहुंची कानपुर पुलिस, मचा हड़कंप।

गाज़ीपुर। गोरखपुर के एक होटल में बीते दिनों हुई कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या के तार सैदपुर और नगसर से भी जुड़ रहे हैं। शुक्रवार की शाम कानपुर पुलिस घटना में शामिल आरोपित सिपाही प्रशांत कुमार के सैदपुर थाना क्षेत्र भटौला गांव स्थित आवास पर पहुंची। आरोपित के फरार होने पर पुलिस प्रशांत के चचेरे भाई मनोज को पूछताछ के लिए थाना ले आई, पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।घटना के मुख्य आरोपी तत्कालीन कोतवाल जगत नारायण सिंह समेत ईनामियां छह पुलिसकर्मियों में से दो पुलिसकर्मी गाजीपुर जनपद के हैं, जिसमें से एक नगसर व दूसरा सैदपुर के भटौला गांव का मूल निवासी है। गोरखपुर कांड में कानपुर कमिश्नर द्वारा एसआइटी के गठन किए जाने के बाद जांच व फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को गोरखपुर समेत कानपुर की पुलिस सैदपुर में पहुंच गई और संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। इधर सभी पुलिसकर्मियों के फरार होने के बाद उन सभी पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। इस मामले में निलंबित होने के बाद हत्या का मुकदमा कायम होने वाले पुलिसकर्मियों ने एक सिपाही प्रशांत कुमार सैदपुर के भटौला गांव का है। उसकी तलाश में उसकी गांव में भी पुलिस पहुंची थी लेकिन वहां नहीं मिला। इसके बाद से ही सैदपुर में कानपुर के अनवरगंज स्थित कुली बाजार चौकी की पुलिस तलाश कर रही है लेकिन अब तक प्रशांत का पता नहीं लग पाया है। इधर इस मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। कोतवाली के सभी पुलिसकर्मी इस मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। अधिकांश ग्रामीण को आरोपी के घर का पता तक नहीं बताना चाह रहे थे। वहीं प्रशांत के ईनामियां होने की बात जानकर भी ग्रामीण हैरान हो गए। कानपुर से आई टीम में दारोगा अविसार सिंह, हेड कांस्टेबल मो. अहमद, कांस्टेबल सत्यवीर के अलावा सैदपुर कोतवाल तेजबहादुर सिंह व फोर्स रही।

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