हम्माद सलमानी 10 साल की उम्र में हाफिज ए कुरान बन गए।

ब्यूरो चीफ़ नवेद आलम

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

मदरसा अरबिया अंजुमन इस्लामिया उनवल में तालीम हासिल की हम्माद सलमानी के वालिद हाफिज व कारी मौलाना हबीबुर्रहमान सलमानी नदवी खुद मदरसा अरबिया अंजुमन इस्लामिया में टीचर हैं उनकी देखरेख तरबियत में 3 साल में मोहम्मद हम्माद सलमानी हाफिज ए कुरान बने। विभिन्न मस्जिदों के धर्मगुरु की उपस्थिति में कुराने पाक का दौरा कराया गया हम्माद सलमानी बिल्कुल निपुण है कुरान कंठस्थ कर चुका है। हम्माद सलमानी के दादा जनाब हाफिज व कारी मुमताज सलमानी साहब किबला इसी मदरसे में बच्चों को हाफिज ए कुरान बनाते थे सालहा साल सैकड़ों बच्चे हाफिज ए कुरान बनके निकले हाफिज व कारी मुमताज सलमानी साहब के हाथों से आज माशा अल्लाह उसी नूरानी खानवादे से हाफिज हम्माद सलमानी के शक्ल में नमूदार हुआ। दादा भी हाफिज ए कुरान हम्माद सलमानी के और अब्बा भी हाफिज ए कुरान आलिम हैं और अब पोता भी हाफिज ए कुरान हो गया माशा अल्लाह तीनों पीढ़ियां हम्माद सलमानी की मदरसे से जुड़ी हैं माशा अल्लाह कुरान और सुन्नत की तबलीग रसूल अल्लाह के दीन की इशाअत में यह पूरा घराना नूरानी लगा हुआ अब यह बच्चा कंप्यूटर की भी शिक्षा ग्रहण करेगा।
हम्माद सलमानी का सपना है इंग्लिश मैथ के साथ हिस्ट्री भी पड़ेगा मदरसे की पढ़ाई पूरी होने के बाद गवर्नमेंट स्कूल में भी जाने का सपना है देश के लिए कुछ करने का भी जज्बा हैं और मैं उम्मीद करता हूं कि अब तीसरी पीढ़ी में हम्माद सलमानी हाफिज तो बन चुका है एक अच्छा आलिम भी बनेगा एक अच्छा स्पीकर बनेगा इंशाल्लाह बड़े-बड़े जलसो स्टेजो पर खिताब, करें मेरी दुआ है

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